Crude Oil Price : कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी ने भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम को लेकर चिंता बढ़ा दी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में 20 अगस्त को ब्रेंट क्रूड 2.4 फीसदी बढ़कर 93.78 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया. यह 24 जुलाई के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है. वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी करीब 2.5 फीसदी महंगा हुआ है.
क्रूड की कीमतों में तेजी के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव बड़ी वजह माना जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान का समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ कड़े आर्थिक कदम उठाने की चेतावनी दी है. अमेरिका की ओर से ईरान पर और प्रतिबंध लगाने की बात भी कही गई है.
इस घटनाक्रम के बाद बाजार में यह आशंका बढ़ी है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी नजर
तेल बाजार के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य इस समय सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है. युद्ध से पहले दुनिया की करीब पांचवें हिस्से की तेल खपत के बराबर कच्चा तेल इस रास्ते से गुजरता था. अगर यहां तेल की आवाजाही और प्रभावित होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों में और तेजी आ सकती है.
भारत में पेट्रोल-डीजल पर क्या असर?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड महंगा होने पर घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है. हालांकि, कच्चे तेल के महंगे होने का मतलब यह नहीं है कि भारत में ईंधन की कीमतें तुरंत बढ़ जाएंगी.
पेट्रोल-डीजल की घरेलू कीमतों पर असर
पेट्रोल-डीजल की घरेलू कीमतों पर सरकार की नीतियों, टैक्स, तेल कंपनियों के मार्जिन और अंतरराष्ट्रीय बाजार समेत कई कारकों का असर पड़ता है. लेकिन अगर क्रूड लंबे समय तक 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहता है और कीमतों में आगे भी तेजी आती है, तो ईंधन को सस्ता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई बाधित होने को लेकर है. अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम नहीं हुआ और क्रूड की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है.
ये भी पढ़ें- दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर चला बुलडोजर, अवैध ढांचे हटाए गए, जानिए क्या है पूरा मामला
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









