Imran Khan : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री व PTI प्रमुख इमरान खान रावलपिंडी स्थित अडियाला जेल में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद परिवार को उनसे मिलने की इजाजत दी गई। खान की बहन नोरीन नियाजी व पत्नी बुशरा बीबी ने कई महीनों बाद इमरान से मुलाकात की है। मुलाकात के बाद नोरीन ने मिलने की पुष्टि की, लेकिन कोर्ट के निर्देश के अनुसार मीडिया से बात नहीं की।
इमरान और पत्नी बुशरा बीबी ने अडियाला जेल में तकरीबन 30 से 35 मिनट बातचीत की। वहीं बहन नोरीन नियाजी ने उनसे 10-15 मिनट बातचीत कर भाई का हाल-चाल जाना। बता दें कि इमरान खान की सेहत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने इलाज के आदेश दिए हैं। आदेश में खान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने की बात कही गई है। कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड बनाने को कहा है, उनके निजी डॉक्टर और बहन डॉ. उजमा खान को शामिल करने के भी आदेश दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगा मुलाकातों का ब्यौरा
सुप्रीम कोर्ट ने इमरान के परिवार से हर हफ्ते मुलाकात कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि परिवार से मिलना कोई एहसान नहीं, बल्कि मौलिक अधिकार है। वहीं अदालत ने पिछले 3 साल में इमरान और उनकी बहनों से हुई मुलाकातों का ब्यौरा मांगा है। बातचीत और फोन कॉल की जानकारी देने को भी कहा है।
शहबाज शरीफ सरकार दायर करेगी रिव्यू पिटीशन
पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अस्पताल भेजने के कोर्ट के आदेश के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करने की तैयारी कर रही है। पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार ने अदालत के फैसले की समीक्षा की है और उसे लगता है कि आदेश के कुछ हिस्से मौजूदा कानूनों के अनुरूप नहीं हैं।
क्या यही सुविधा अन्य कैदियों को भी मिल पाएगी
कानून मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की जेलों में कई कैदी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में अगर इमरान खान को जेल से बाहर किसी विशेष अस्पताल में इलाज की अनुमति दी जाती है, तो सवाल उठता है कि क्या यही सुविधा अन्य कैदियों को भी मिल पाएगी। उन्होंने कहा कि आमतौर पर कैदियों के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों और निर्धारित व्यवस्थाओं का ही पालन किया जाता है।
73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें तोशाखाना मामले में तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उनके खिलाफ सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई अन्य मामले दर्ज किए गए।
राजनीतिक बदले की भावना से मामले दर्ज
हालांकि, बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई थी। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा पर रोक लगा दी गई, लेकिन अन्य मामलों के चलते वह अभी भी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का आरोप है कि साल 2022 में सत्ता से हटने के बाद उनके खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से मामले दर्ज किए गए। उनका कहना है कि उन्हें राजनीति और चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने के लिए कार्रवाई की गई।
वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती रही हैं। उनका कहना है कि इमरान खान के खिलाफ सभी मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं।
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