Jawaharlal Nehru University : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर जंग का अखाड़ा बना है. 23 फरवरी को तड़के वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. इस घटना ने कैंपस के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अनुसार, यह हिंसा पिछले करीब एक हफ्ते से वामपंथी संगठनों द्वारा बुलाई गई हड़ताल का परिणाम है. ABVP के JNUSU संयुक्त सचिव वैभव मीणा ने इस रात को ‘खौफ की रात’ बताया. आरोप है कि 300 से 400 नकाबपोश लोगों की भीड़ ने कैंपस में घूम-घूमकर उन छात्रों को निशाना बनाया जो लाइब्रेरी और रीडिंग रूम में शांतिपूर्वक पढ़ाई कर रहे थे. वैभव मीणा का दावा है कि विजय नाम के एक छात्र के साथ 100 से 150 लोगों की भीड़ ने मॉब लिंचिंग जैसी कोशिश की.
बायोटेक्नोलॉजी के छात्र प्रतीक भारद्वाज पर हमला
हिंसा की तस्वीर स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज (SSS) परिसर से सामने आई. ABVP ने आरोप लगाया है कि बायोटेक्नोलॉजी के छात्र प्रतीक भारद्वाज पर हमला किया गया. हमलावरों ने पहले प्रतीक की आंखों में फायर एक्सटिंगुइशर (अग्निशामक यंत्र) का पाउडर डाल दिया ताकि वह कुछ देख न सके और फिर उसे पीटा गया. प्रतीक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है.
दिल्ली पुलिस की निष्क्रियता पर नराजगी
घटना के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सोशल मीडिया पर #LeftAttacksJNUAgain हैशटैग के साथ एक बड़ा अभियान शुरू किया है. ABVP का कहना है कि यह छात्र राजनीति नहीं, बल्कि सोची-समझी क्रूर हिंसा है। उन्होंने दिल्ली पुलिस की निष्क्रियता पर कड़ी नराजगी जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्र सुरक्षित नहीं हैं. संगठन ने मांग की है कि दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और कैंपस में कानून का डर बहाल किया जाए.
घटना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
कैंपस में मारपीट के बाद ABVP द्वारा लगाए गए आरोपों पर वामपंथी छात्र संगठनों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. फिलहाल पूरे परिसर में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है, वहीं, घायल छात्रों के साथी और परिवार के लोग इस घटना के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
ये भी पढ़ें- अफगानिस्तान में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक, 19 लोगों की मौत, इस्लामाबाद विस्फोट का बदला
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









