Bihar Politics : बिहार की राजनीति में अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू ने मोकामा की पूर्व विधायक नीलम देवी को 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति से भी हटवा दिया है. इससे पहले पार्टी उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर चुकी है. समिति से हटाए जाने के बाद उनका उप-मंत्री (डिप्टी मिनिस्टर) का दर्जा भी समाप्त होने की बात सामने आई है. अब सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें आवंटित सरकारी बंगला भी खाली कराना पड़ सकता है.
जानकारी के मुताबिक, जेडीयू की अनुशंसा पर नीलम देवी को 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति से हटाया गया है. इस समिति में सदस्य बनाए जाने के बाद उन्हें उप-मंत्री का दर्जा मिला था. अब सदस्यता समाप्त होने के बाद यह दर्जा भी खत्म हो गया है. हालांकि, सरकारी बंगले को लेकर आगे क्या फैसला होगा, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है.
इससे पहले जेडीयू ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित करने की घोषणा की थी. पार्टी ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्रवाई की सिफारिश भी की थी.
अनंत सिंह और नीलम देवी का राजनीतिक सफर
अनंत सिंह मोकामा में ‘छोटे सरकार’ के नाम से पहचाने जाते हैं. वर्ष 2022 में उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद नीलम देवी ने उनकी राजनीतिक विरासत संभाली थी. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने 2020 के विधानसभा चुनाव में अनंत सिंह और बाद में उपचुनाव में नीलम देवी को टिकट दिया था. हालांकि, वर्ष 2024 में नीलम देवी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ आ गईं. बताया जाता है कि यह फैसला उन्होंने अपने पति की सहमति से लिया था.
सरकारी बंगले पर भी उठने लगे सवाल
नीलम देवी को पटना में एक सरकारी बंगला आवंटित है, जिसमें अनंत सिंह लंबे समय से रह रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह बंगला नीलम देवी के नाम पर आवंटित है. उनका उप-मंत्री का दर्जा समाप्त होने के बाद बंगले के भविष्य को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है. यदि सरकार इसे खाली कराने का फैसला करती है, तो अनंत सिंह को विधायक के रूप में आवंटित फ्लैट या अपने निजी आवास में जाना पड़ सकता है.
अनुज सिंह के समर्थन से बढ़ा विवाद
बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह ने जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार किया था, उन्होंने जेडीयू के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार को हराने की बात भी कही थी. इसी घटनाक्रम को पार्टी विरोधी गतिविधियों से जोड़कर देखा गया. अब नीलम देवी को समिति से हटाए जाने के बाद बिहार की राजनीति में इस कार्रवाई के अगले कदमों पर नजर बनी हुई है.
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