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Bihar Boat Accident : वैशाली में नाव पलटने से 14 बच्चों की मौत, 7 बच्चियां एक ही परिवार की, सीएम-पीएम ने जताया दुख

Bihar Boat Accident : बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। नाव में 25 से अधिक लोग सवार थे और सभी एक भोज में जा रहे थे। हादसे में घायल लोगों का पटना में इलाज जारी है। जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और प्रशासन ने जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Bihar Boat Accident : बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में मंगलवार रात गंगा नदी में नाव पलटने से 14 बच्चों की जान चली गई। मृतकों की उम्र 6 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है। इनमें सात बच्चियां एक ही परिवार की थीं। हादसा रात करीब 8:30 बजे हुआ, जब 25 से अधिक लोग छोटी नाव पर सवार होकर नदी पार कर तेरहवीं के भोज में शामिल होने जा रहे थे। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है और हादसे की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की है।

रात में नदी पार करते समय पलटी नाव

राघोपुर दियारा क्षेत्र में हुई इस दुर्घटना के बाद बचाव कार्य शुरू किया गया। हादसे में घायल लोगों को उपचार के लिए पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में भर्ती कराया गया। घटना के बाद मृत बच्चों के शव गांव पहुंचाए गए। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। स्थानीय निवासी चंदन ने बताया कि उनका समुदाय कबीर पंथ को मानता है और उनके यहां लंबे समय से शवों को नदी में प्रवाहित करके अंतिम संस्कार करने की परंपरा रही है।

15 वर्षीय चांदनी ने बचाई दो बच्चों की जान

हादसे के बीच 15 साल की चांदनी ने दो बच्चों को बचाकर साहस का परिचय दिया। नाव से सुरक्षित निकाले गए बच्चों ने भी दुर्घटना की भयावहता बताई। अश्विनी कुमार के मुताबिक, नाव में उनके साथ करीब 25 लोग सवार थे और उनके दादाजी ने उनकी जान बचाई।

एक अन्य बच्चे आदित्य कुमार ने बताया कि नाव में छोटा छेद होने के कारण पानी भरने लगा था। नाव डूबने की स्थिति में पहुंची तो पानी तेजी से अंदर आने लगा और कुछ ही देर में नाव पलट गई। आदित्य ने बताया कि उसने एक व्यक्ति का पैर पकड़ लिया, जिसने उसे कंधे पर उठाया। इसके बाद दूसरे व्यक्ति की मदद से उसे पेड़ की मोटी टहनी पकड़ाई गई और तैरकर किनारे तक पहुंचाया गया।

डीएम ने नाव मालिक और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही

वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि नाव के मालिक और उसका परिचालन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों और इस मामले में दोषी पाए जाने वाले अन्य लोगों पर भी कदम उठाए जाएंगे।

डीएम के मुताबिक, अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी है कि वे अपने स्तर पर सतर्कता बरतें और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी रखें। प्रशासन की ओर से रात से सुबह तक किए गए निरीक्षण के दौरान यह जानकारी सामने आई कि संबंधित नाव पहले से परिचालन में थी। अब यह जांच की जा रही है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और निगरानी व्यवस्था में कहां चूक हुई।

विजय कुमार सिन्हा ने जताया दुख, कार्रवाई का भरोसा

मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हादसे को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके मुताबिक, जांच के बाद जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट होने पर कदम उठाए जाएंगे।

मनोज कुमार झा ने हादसे को बताया व्यवस्था की विफलता

राजद सांसद मनोज कुमार झा ने राघोपुर नाव दुर्घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसे केवल प्राकृतिक घटना मानकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने इसे मानव निर्मित त्रासदी बताते हुए व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की मांग की। झा ने मुआवजे की घोषणा के बाद मामले को भुला दिए जाने की आशंका भी जताई और कहा कि बिहार के प्रति अन्य राज्यों की तुलना में दृष्टिकोण में अब भी औपनिवेशिक सोच दिखाई देती है।

चिराग पासवान पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे

वैशाली लोकसभा क्षेत्र के सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बुधवार सुबह मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों की मौत की खबर और सामने आई तस्वीरें बेहद पीड़ादायक हैं। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दिलाने और घायलों के उचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।

चिराग पासवान ने कहा कि जिन लोगों की जान चली गई, उन्हें वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन जीवित बचे लोगों का सही उपचार और प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने इस दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का प्रयास करने की बात कही।

NMCH में तीन बच्चे भर्ती, दो की हालत गंभीर

पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाल चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार के मुताबिक, हादसे में प्रभावित चार बच्चों में से एक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि तीन बच्चे भर्ती हैं। उन्होंने बताया कि एक बच्चे की स्थिति सामान्य है। अन्य दो बच्चों की हालत गंभीर है, जिनमें एक को गंभीर निमोनिया होने की जानकारी दी गई है। अस्पताल में भर्ती बच्चों का उपचार जारी है।

पप्पू यादव ने मुआवजे और जवाबदेही की मांग की

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव भी पटना पहुंचे और नाव हादसे के साथ-साथ बाढ़ से हुई मौतों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। SIR आंदोलन के बारे में उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान भी लोगों के बीच जाकर उन्हें जागरूक करने का अभियान जारी रखा जाएगा।

हादसे के बाद अब जांच का मुख्य सवाल यह है कि नाव का परिचालन किन परिस्थितियों में हो रहा था, सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं थे और निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों की भूमिका क्या रही। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है।

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