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राहुल गांधी के सामने छात्रों ने सुनाई आपबीती, दिल्ली पुलिस पर लगाए मारपीट के गंभीर आरोप, ज्ञानेश कुमार और पुलिस पर कार्रवाई की चेतावनी

Students Protest Delhi : SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में घायल छात्रों ने राहुल गांधी के सामने दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए। छात्राओं ने हिरासत के दौरान प्रताड़ित किए जाने का दावा किया, जबकि अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने वीडियो साक्ष्य सुरक्षित रखने और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।

Students Protest Delhi : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को विभिन्न प्रदर्शनों के दौरान घायल हुए छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने हिरासत में लिए जाने के बाद उनके साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए। एक छात्रा ने दावा किया कि पुलिस हिरासत के दौरान उसे शारीरिक प्रताड़ना दी गई और उसके निजी अंगों पर भी चोट पहुंचाई गई। वहीं, एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कुछ लोगों के दबाव में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। ये प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए जा रहे हैं।

राहुल गांधी ने छात्रों से कहा- सबूत सुरक्षित रखें

प्रदर्शनकारियों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि देश में छात्रों और युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अमित शाह का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले को हिंदू-मुस्लिम या जाति के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। राहुल ने छात्रों से प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के वीडियो और अन्य सबूत सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन साक्ष्यों के आधार पर भविष्य में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राहुल ने कहा कि कार्रवाई की मांग पुलिसकर्मियों से लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तक के संबंध में की जाएगी।

छात्रा ने बेसमेंट में मारपीट का लगाया आरोप

प्रदर्शनकारी अतीरा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उसे प्रताड़ित किया गया। उसके मुताबिक, शुरुआत में जिस बस में प्रदर्शनकारियों को ले जाया गया, उसमें कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। उसने दावा किया कि कनॉट प्लेस से महिला पुलिसकर्मी चंचल यादव बस में आईं और उसे पुलिस स्टेशन के बेसमेंट में ले गईं। छात्रा के अनुसार, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे और उसके साथ मारपीट की गई। उसने आंख, मुंह और निजी अंगों पर चोट पहुंचाए जाने का भी आरोप लगाया। ये आरोप छात्रा की ओर से लगाए गए हैं।

ऋतु बराला ने भी पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शनकारी ऋतु बराला ने भी हिरासत के दौरान कथित दुर्व्यवहार की जानकारी दी। राहुल गांधी ने उनका परिचय कराते हुए उन्हें साहसी बताया। ऋतु ने कहा कि NSUI के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन्हें बसों में भरकर ले जाया गया।

ऋतु के मुताबिक, बस से बाहर निकलने की कोशिश के दौरान महिला पुलिसकर्मी चंचल यादव ने उनका गला दबाया और उन्हें धक्का दिया, जिससे वह गिर गईं। उन्होंने नाखूनों से खरोंचने, थप्पड़ मारने और बाल पकड़कर बस में इधर-उधर खींचने के आरोप भी लगाए। ऋतु ने दावा किया कि कनॉट प्लेस के पास उन्हें और एक अन्य छात्रा को बस से उतारकर सड़क पर घसीटा गया तथा उनके निजी अंगों पर चोट पहुंचाई गई।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि थाने में उनके पैरों पर डंडे मारे गए और ताना दिया गया कि राहुल गांधी उन्हें बचाने क्यों नहीं आए। ऋतु ने कहा कि इन घटनाओं के बावजूद वह विरोध जारी रखने के अपने इरादे पर कायम हैं।

केरल की छात्रा ने भी सुनाई आपबीती

केरल से आई प्रदर्शनकारी आदिरा ने बताया कि हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें बस में बैठाकर कनॉट प्लेस स्थित पुलिस स्टेशन ले जाया गया। उन्होंने दावा किया कि वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मी चंचल यादव उन्हें बेसमेंट में ले गईं। आदिरा के आरोपों के मुताबिक, हिरासत के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

प्रदर्शनकारी रमित ने लगाए राजनीतिक दबाव में हिरासत के आरोप

प्रदर्शनकारी रमित ने दावा किया कि उन्हें 11 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा से जुड़े कुछ लोगों के कहने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। रमित के अनुसार, कुछ लोगों के पास डंडे थे और पुलिस ने उनकी बात सुनकर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। उन्होंने मारपीट किए जाने और मोबाइल फोन छीने जाने का भी आरोप लगाया। रमित ने यह भी दावा किया कि घटनास्थल पर महिला पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं थीं।

धर्मेंद्र ने भी पुलिसकर्मी पर मारपीट का आरोप लगाया

प्रदर्शनकारी धर्मेंद्र ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उनके मुताबिक, अंकित कसाना नाम के एक पुलिसकर्मी ने उनसे कहा कि उन्हें बचाने कोई नेता नहीं आएगा। धर्मेंद्र ने दावा किया कि उन्हें लात-घूंसों और थप्पड़ों से पीटा गया। उन्होंने बताया कि घटना के दौरान वह डरे हुए थे, लेकिन अब भी अपने विरोध के इरादे से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

SIR और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर जारी है विरोध

इंडिया ब्लॉक की ओर से SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अब तक पांच प्रदर्शन किए जाने की जानकारी दी गई है। विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं और इसे लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।

राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उनसे कई बार संपर्क करने की कोशिश की। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस संबंध में पूछे गए सवाल पर राहुल ने कहा था कि उन्हें संदेश मिलते हैं। उन्होंने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने और पद से हटने की अपील भी की थी।

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