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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भूकंप के झटके, 3.7 रही तीव्रता; जोन-6 में शामिल हुआ राज्य

Uttarakhand Earthquake : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में आज दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 दर्ज की गई। भूकंप दोपहर 12:51 बजे आया और इसका केंद्र पिथौरागढ़ में जमीन से करीब 11 किलोमीटर नीचे था। भूकंप के लिहाज से संवेदनशील उत्तराखंड में इस घटना के बीच नए भूकंपीय क्षेत्रीकरण मानचित्र को लेकर भी चर्चा हो रही है, जिसमें राज्य को जोन-6 में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है।

पिथौरागढ़ में दोपहर को महसूस हुए झटके

पिथौरागढ़ जिले में रविवार दोपहर धरती में कंपन दर्ज किया गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 3.7 थी। इसका केंद्र पिथौरागढ़ जिले में जमीन से लगभग 11 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।

उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में आता है, जहां भूकंपीय गतिविधियों का खतरा बना रहता है। ऐसे में इस तरह के झटकों के बाद भूकंपरोधी निर्माण और सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है।

नए भूकंपीय मानचित्र में उत्तराखंड जोन-6 में शामिल

उत्तराखंड को पहले भूकंपीय जोखिम के आधार पर जोन-4 और जोन-5 में बांटा गया था। अब भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की भूकंपीय क्षेत्रीकरण मानचित्र से संबंधित नई रीति संहिता-2025 में हिमालयी राज्यों के लिए जोन-6 का प्रावधान किया गया है। दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड सहित अन्य हिमालयी राज्यों को इस अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।

इस बदलाव का उद्देश्य भूकंप के जोखिम को ध्यान में रखते हुए भवनों और अन्य संरचनाओं के डिजाइन संबंधी मानकों को अधिक प्रभावी बनाना है। हालांकि, जोन-6 में शामिल होने की जानकारी और लागू मानकों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक संहिता से की जानी चाहिए।

भूकंपरोधी निर्माण पर देना होगा अधिक ध्यान

वैज्ञानिकों के अनुसार, भूकंप के जोखिम वाले क्षेत्रों में भवनों और अन्य संरचनाओं का निर्माण निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार होना चाहिए। उत्तराखंड में पहाड़ी भूगोल और भूकंपीय संवेदनशीलता को देखते हुए निर्माण के दौरान डिजाइन, निर्माण सामग्री और संरचनात्मक मजबूती पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

पिथौरागढ़ में आए भूकंप के झटके एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान दिलाते हैं कि भूकंप के जोखिम को कम करने के लिए जागरूकता और सुरक्षित निर्माण प्रक्रियाओं का पालन महत्वपूर्ण है।

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