Delhi SIR Protest : दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास प्रदर्शन जारी है। इसे ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ गठबंधन ने बुलाया है। प्रदर्शन में अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर, अभिनेता प्रकाश राज और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
प्रदर्शनकारियों की संभावित भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने यातायात संबंधी एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर और बंगला साहिब के आसपास बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में इन इलाकों की सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है और लंबा जाम लगने की आशंका है।
पिछले सप्ताह बना ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ गठबंधन
SIR के विरोध में अलग-अलग समूहों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ गठबंधन का गठन पिछले सप्ताह किया गया था। इसमें नागरिक समूहों के साथ किसान यूनियनों, मजदूर संगठनों तथा महिला और युवा संगठनों को शामिल किया गया है। इस मंच का उद्देश्य SIR के विरोध में चल रही गतिविधियों को एकजुट करना है।
सौरव-रांका को दोबारा नोटिस भेज सकती है क्राइम ब्रांच
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच कॉकरोच पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए फिर से नोटिस भेज सकती है। पुलिस ने दोनों को इससे पहले गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। दोनों ने पुलिस से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया है।
दोनों नेताओं को बुधवार को दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) अदालत से जमानत मिली थी। उन्हें 50-50 हजार रुपये के बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया गया था। दिल्ली पुलिस ने 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान दोनों को हिरासत में लिया था।
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला आज
दिल्ली हाईकोर्ट आज AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर भी फैसला सुनाएगा। बोरा ने दिल्ली पुलिस की ओर से जारी उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए 10,000 रुपये का निजी मुचलका भरने और एक जमानतदार पेश करने को कहा गया था।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर पहले भी हुई थी कार्रवाई
सरकार ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। इसके बावजूद 13 अक्टूबर को आशुतोष रांका और सौरव दास तिरंगा लेकर वहां पहुंच गए थे। शांति संबंधी नियमों के उल्लंघन के आरोप में दोनों को हिरासत में लेकर पांच दिन के लिए जेल भेजा गया था। इसके बाद 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई थी।
इस मामले में बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि दोनों नेताओं को पहले मजिस्ट्रेट के फैसले का इंतजार करना चाहिए। यदि फैसले से वे संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वे उच्च अदालत का रुख कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें- ड्राइविंग लाइसेंस के नियम बदलने की तैयारी, अब 75% अंक लाना होगा जरूरी?, भारतीयों-विदेशियों के होंगे अलग-अलग रंग
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









