Varanasi Air Show : भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना वर्ष के अवसर पर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने काशी को रोमांच और देशभक्ति के रंग में रंग दिया. 22 अक्टूबर से शुरू हुए इस आयोजन में राफेल, सुखोई, मिराज-2000, मिग-29 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों के साथ अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टरों ने भी अपनी ताकत दिखाई. रविवार, 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वाराणसी पहुंचे और नमो घाट पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. उनके स्वागत के लिए रास्तों पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे.
वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला पुलिस लाइन से चौकाघाट होते हुए नमो घाट की ओर रवाना हुआ. रास्ते में प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए लोगों में उत्साह दिखाई दिया. लोगों का अभिवादन स्वीकार करने के लिए प्रधानमंत्री ने अपनी कार रुकवाई और बाहर निकलकर हाथ हिलाते हुए लोगों का अभिवादन किया.
सुरक्षा में 11,500 से अधिक जवान तैनात
एयर शो में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के मुताबिक, आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिले को 30 जोन और 50 से अधिक सेक्टर में बांटा गया. सुरक्षा व्यवस्था में 11,500 से अधिक जवान तैनात किए गए, जबकि 200 सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी गई.
आयोजन के दौरान लगभग 50 लाख लोगों की भीड़ को संभालने के लिए भी व्यवस्था की गई. भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नए थाने और पुलिस केंद्र भी बनाए गए. रविवार को नमो घाट एयर शो का प्रमुख केंद्र रहा, जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य गणमान्य लोगों ने हवाई प्रदर्शन देखा.
100 एयरक्राफ्ट ने दिखाई भारतीय वायुसेना की ताकत
‘विंग्स ओवर गंगा’ में कुल 100 एयरक्राफ्ट शामिल हुए. इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल था. इन विमानों ने देश के 12 एयरबेस से उड़ान भरी. चेन्नई और ग्वालियर समेत विभिन्न वायु अड्डों से पहुंचे विमानों ने गंगा के ऊपर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया.
लड़ाकू विमानों में राफेल, सुखोई, मिराज-2000, मिग-29 और जगुआर शामिल रहे. वहीं, अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टरों के साथ सी-295, सी-17 और सी-130 जैसे परिवहन विमानों ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा. काशी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित इस हवाई प्रदर्शन में सैन्य तकनीक और वायुसेना की परिचालन क्षमता की झलक देखने को मिली.
आसमान में दिखी काशी की सांस्कृतिक पहचान
एयर शो की खास बात यह रही कि सैन्य शक्ति के प्रदर्शन के साथ काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रदर्शित किया गया. आसमान में महादेव, नटराज, कैलाश, विश्वनाथ, त्रिदेव, वरुणा, हनुमान, ओंकार, भागीरथी, काशी और रुद्र जैसे नामों पर आधारित फॉर्मेशन बनाए गए.
इन प्रस्तुतियों ने हवाई प्रदर्शन को काशी की परंपरा और आस्था से जोड़ दिया. गंगा के ऊपर विमानों की गर्जना, दर्शकों का उत्साह और सांस्कृतिक पहचान की झलक ने ‘विंग्स ओवर गंगा’ को खास बना दिया.
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