Bihar News : बिहार के चर्चित दुलार चंद यादव हत्याकांड में बाहुबली विधायक अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने उन्हें सरेंडर करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया है. अब उन्हें 1 दिसंबर की जगह 4 दिसंबर 2026 तक या उससे पहले सरेंडर करना होगा. इस फैसले के बाद अनंत सिंह को कुछ और दिन की मोहलत मिल गई है. हालांकि, उनकी जमानत बहाल नहीं हुई है, बल्कि पहले से मिली जमानत को निलंबित रखा गया है.
दरअसल, अनंत सिंह की बेटी की शादी 25 नवंबर को होनी है. इसी पारिवारिक कार्यक्रम का हवाला देते हुए उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट से सरेंडर की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी. अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए नई तारीख 4 दिसंबर तय कर दी. इस मामले में 30 अक्टूबर को सुनवाई हुई थी.
अनंत सिंह की जमानत रद्द करने की मांग
इससे पहले दुलार चंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर अनंत सिंह की जमानत रद्द करने और उन्हें दोबारा जेल भेजने की मांग की थी. याचिका में आरोप लगाया गया था कि पटना हाईकोर्ट ने जमानत देते समय अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया था.
गौरतलब है कि इसी साल मार्च में पटना हाईकोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत दी थी. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने मामले के जांच अधिकारी को चार महीने के भीतर जांच पूरी कर पूरक आरोपपत्र दाखिल करने का निर्देश भी दिया है.
चुनावी प्रचार के बीच हुई थी वारदात
यह मामला 30 अक्टूबर 2025 का है. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा से जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी चुनाव मैदान में थे. दुलार चंद यादव, पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे. इसी दौरान दोनों पक्षों के काफिले आमने-सामने आ गए और इस घटना में दुलार चंद यादव की हत्या हो गई. मामले में अनंत सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. जेल में रहते हुए ही उन्होंने मोकामा सीट से चुनाव जीत लिया था.
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