Kerala Dispute : देश के पांच राज्यों में अगले महीने चुनाव होने वाले हैं। चुनाव की तारीख भी आ चुकी है। सभी पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गई हैं। एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। इसी बीच भाजपा उम्मीदवार बी गोपालकृष्णन के ‘हिंदू विधायक’ वाले बयान पर बवाल मच गया है। इस पर विपक्ष ने विरोध करते हुए चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी, जबकि भाजपा ने इसे एक टिप्पणी मात्र बताया।
चुनाव आयोग की सलाह पर होगी आगे की कार्रवाई
मामले पर केरल के मुख्य चुनाव अधिकारी रतन यू केलकर ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि गोपालकृष्णन के बयान को लेकर शिकायत मिली थी। इस पर सोमवार को स्टैंडिंग काउंसिल से कानूनी राय भी मिल गई है। इसके आधार पर जल्द ही चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजी जाएगी और चुनाव आयोग की सलाह पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केरल भाजपा उतरी बचाव में
बी गोपालकृष्णन के बयान के बाद केरल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर सोमवार को बचाव करते दिखे। उन्होनें बताया कि इसे नफरत वाली भाषा नहीं मानना चाहिए यह बयान किसी के खिलाफ नहीं था। उन्होनें बताया कि गोपालकृष्णन केवल ये बता रहे थे कि भक्तों के मुद्दों के लिए क्षेत्र में एक ‘विश्वासी विधायक’ की जरूरत है।
क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत चुनाव प्रचार से हुई। प्रचार के दौरान भाजपा उम्मीदवार गोपालकृष्णन ने कांग्रेस और वामदलों पर आरोप लगाया था कि पिछले लगभग 50 वर्षों में गुरूवायुर निर्वाचन क्षेत्र में हिंदू उम्मीदवार नहीं उतारे। भाजपा नेता के इस बयान का कांग्रेस और सीपीआई(एम) ने कड़ा विरोध करते हुए चुनाव आयोग को शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद चुनाव आयोग ने मामले में हस्तक्षेप किया और गुरूवायुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बीएनएस और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
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