विदेश

तारिक ने पाकिस्तान के ‘नरसंहार’ को किया याद, भारत विरोधी यूनुस की खुली पोल

India Bangladesh Relations : बांग्लादेश के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान ने पाकिस्तानी सेना द्वारा सन 1971 में किए गए ‘सुनियोजित नरसंहार’ को याद किया। इस दौरान उन्होनें बताया कि पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई यह कार्रवाई ‘इतिहास के सबसे घृणित नरसंहारों में से एक है।’ यह कभी भुलाया नहीं जा सकता।

निहत्थे बांग्लादेशियों की क्रूर हत्या

बुधवार को नरसंहार दिवस पर यह बयान देकर उन्होनें साफ कर दिया कि बांग्लादेश पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए इस कृत्य को कभी नहीं भूलेगा। तारिक रहमान ने अपने पोस्ट में बताया कि पाकिस्तानी सेना ने ऑपरेशन सर्च लाइट में निहत्थे बांग्लादेशियों की क्रूर हत्या की थी। दशकों से बांग्लादेश, पाकिस्तान से इसके लिए माफी की मांग कर रहा है, लेकिन पाकिस्तानी सेना इसके लिए तैयार नहीं है। उसका कहना है कि यह मामला आपसी संधियों से सुलझ चुका है।

2017 से शुरू हुआ ‘नरसंहार दिवस’

पाकिस्तानी सेना के द्वारा किए गए नरसंहार में मारे गए लोगों की याद में बांग्लादेेश में हर साल 25 मार्च को ‘नरसंहार दिवस’ मनाया जाता है। इसकी शुरुआत साल 2017 से हुई। तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासनकाल में बांग्लादेश की संसद में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पास किया गया था। तब से हर साल 25 मार्च को ‘नरसंहार दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

जिया-उर-रहमान ने किया था विद्रोह

पाकिस्तानी सेना के ‘ऑपरेशन सर्च लाइट’ के खिलाफ जिया-उर-रहमान ने विद्रोह कर दिया था। जिया-उर-रहमान उस समय पूर्वी पाकिस्तानी सेना में मेजर रैंक के अधिकारी थे। मार्च 1971 को बंगाली राष्ट्रवाद के नेता शेख मुजीब-उर-रहमान की ओर से जिया-उर-रहमान ने कालूरघाट रेडियो स्टेशन से बांग्लादेश की आजादी का ऐलान कर दिया। उसके बाद उन्होनें बांग्लादेश मुक्ति युद्ध में प्रमुख कमांडर की भूमिका निभाई थी। आपको बता दें कि जिया-उर-रहमान वर्तमान प्रधानमंत्री तारिक रहमान के पिता थे।

भारत विरोधी यूनुस की खुली पोल

तारिक के बयान से भारत विरोधी यूनुस की पोल खुल गई। आपको बता दें कि शेख हसीना के सत्ता से बेदखल होने के बाद बांग्लादेश में करीब 18 महीनों तक अंतरिम सरकार का शासन रहा। इसका नेतृत्व मो. यूनुस ने किया। इस दौरान यूनुस ने भारत के विरोध में कई फैसले लिए और पाकिस्तान से बांग्लादेश की नजदीकी भी बढ़ी। पाकिस्तान के उच्च सैन्य अधिकारियों का बांग्लादेश दौरा भी हुआ।

विवाद को खत्म करने पर दिया जोर

यूनुस के शासन काल में पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने दावा किया था कि साल 2025 पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच रिश्ते में टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ है। इस साल दोनों देशों के रिश्ते में जमी बर्फ पिघली है। डार ने अपने बयान में पाकिस्तान-बांग्लादेश को ‘भाई’ बताया था। इस दौरान पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की यूनुस से कई मंचों पर मुलाकात भी हुई थी, जो कि काफी चर्चा में रही। यूनुस ने दोनों देशों के बीच चल रहे विवाद को खत्म करने पर जोर दिया था। अपने शासन काल के दौरान यूनुस ने लगातार भारत विरोधी काम किया।

ये भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर में काउंटर इंटेलिजेंस की बड़ी कार्रवाई, श्रीनगर-शोपियां समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button