Unjab Census 2027 : जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियों और कार्य प्रगति की समीक्षा को लेकर चंडीगढ़ में प्रमुख जनगणना अधिकारियों का राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया. इस सम्मेलन की अध्यक्षता पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने की.
सम्मेलन में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति के सदस्यों, मंडलायुक्तों, जिलों के उपायुक्तों और नगर निगमों के आयुक्तों सहित सभी प्रमुख जनगणना अधिकारियों ने हिस्सा लिया.
जनगणना की तैयारियों पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में जनगणना 2027 के दूसरे चरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई. इसमें जनसंख्या गणना की तैयारी, गणना ब्लॉकों को अंतिम रूप देना, मानव संसाधन योजना, प्रशिक्षण, कर्मचारियों की तैनाती, प्रश्नावली, डिजिटल व्यवस्था, स्व-गणना, प्रचार-प्रसार और क्षेत्रीय स्तर की तैयारियों पर जानकारी दी गई.
इस दौरान जनगणना को निर्धारित समय के भीतर सुचारू, सटीक और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं पर भी चर्चा हुई.
मुख्य सचिव ने सामूहिक जिम्मेदारी पर दिया जोर
मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने जनगणना को देश के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियानों में से एक बताया, उन्होंने कहा कि जनगणना से मिलने वाली जनसांख्यिकीय और सामाजिक-आर्थिक जानकारी शासन, योजना निर्माण, नीति निर्धारण और सार्वजनिक सेवाओं के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
उन्होंने कहा कि जनगणना की सफलता के लिए प्रशासनिक तैयारी के साथ-साथ हर स्तर पर जिम्मेदारी, समन्वय और प्रतिबद्धता जरूरी है, उन्होंने सभी प्रमुख जनगणना अधिकारियों से अभियान को प्राथमिकता देने और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी जवाबदेही के साथ निभाने को कहा.
सही कवरेज और समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की सावधानीपूर्वक योजना बनाई जाए और उसकी लगातार निगरानी की जाए, उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगमों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया, ताकि जनगणना की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहे, उन्होंने प्रमुख जनगणना अधिकारियों से कहा कि वे पूरी क्षेत्रीय व्यवस्था का प्रभावी नेतृत्व करें, कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिलाएं और उन्हें उनकी जिम्मेदारियों के बारे में पूरी जानकारी दें. जनगणना संचालन, पंजाब की निदेशक डॉ. नवजोत खोसा ने सम्मेलन में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियों और समय-सारणी की जानकारी दी.
दूसरे चरण की प्रक्रिया के अनुसार:
स्व-गणना: 16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक
जनसंख्या गणना चरण: 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक
संशोधन अवधि: 5 जनवरी 2027 से 9 जनवरी 2027 तक
संदर्भ तिथि: 5 जनवरी 2027 की रात 12 बजे
उन्होंने बताया कि दूसरे चरण के लिए गणना ब्लॉकों को अंतिम रूप देना, मानव संसाधन योजना, प्रशिक्षण, कर्मचारियों की तैनाती, डिजिटल व्यवस्था और प्रचार-प्रसार जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
दुर्गम क्षेत्रों की कवरेज पर विशेष ध्यान
डॉ. नवजोत खोसा ने कहा कि जनगणना की सफलता के लिए प्रभावी नेतृत्व, लगातार निगरानी और बेहतर तैयारी जरूरी है, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दुर्गम, कठिन और संवेदनशील क्षेत्रों की पहले से पहचान कर वहां पूरी कवरेज सुनिश्चित की जाए, उन्होंने जन जागरूकता और स्व-गणना के प्रचार पर भी जोर दिया, ताकि नागरिकों को जनगणना प्रक्रिया की जानकारी मिल सके और उनकी भागीदारी बढ़े.
पंजाब में सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्धता
सम्मेलन के अंत में जनगणना 2027 के दूसरे चरण को बिना किसी कमी और दोहराव के सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए सभी विभागों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल, समयबद्ध कार्रवाई और जिम्मेदारी के साथ काम करने पर जोर दिया गया.
मुख्य सचिव ने सभी प्रमुख जनगणना अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों की निगरानी करें और जनगणना प्रक्रिया को समर्पण, जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ पूरा करना सुनिश्चित करें.
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