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गुरदासपुर में मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने खेतों में बनाईं पराली की गांठें, किसानों से न जलाने की अपील

Punjab News : पराली जलाने के खिलाफ अभियान में आगे बढ़ते हुए पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने गुरदासपुर जिले के बटाला स्थित गांव पुरियां खुर्द में एक किसान के खेत में जाकर धान की पराली की गांठें बनाईं, उन्होंने बेलर ट्रैक्टर की मदद से पराली की गांठें तैयार कीं और किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील की.

गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि “पराली एक संसाधन है, कचरा नहीं,” उन्होंने कहा कि धान की पराली को जलाने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से संभाला जा सकता है और इसे उपयोगी साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.

पराली प्रबंधन की शुरुआत

इस पहल के साथ राज्य में धान की कटाई और पराली प्रबंधन की शुरुआत हो गई. कृषि मंत्री ने कहा कि धान की पराली को जलाने से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को नुकसान पहुंचता है, हवा प्रदूषित होती है और बच्चों तथा बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है, उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली का उचित प्रबंधन करें और मिट्टी की सेहत व पर्यावरण की रक्षा के लिए उपलब्ध मशीनों का इस्तेमाल करें.

किसानों को मशीनों के लिए दी जा रही सहायता

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ओर से पराली प्रबंधन के लिए मशीनों को बढ़ावा दिया जा रहा है. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों के लिए किसानों को 50 प्रतिशत सहायता दी जा रही है.

वहीं, कस्टम हायरिंग सेंटरों, किसान उत्पादक संगठनों, सहकारी सभाओं और ग्राम पंचायतों को 80 प्रतिशत सहायता दी जा रही है, उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए 576 करोड़ रुपये की कार्य योजना के तहत यह पहल चलाई जा रही है.

पराली जलाने के मामलों में कमी

गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि वर्ष 2022 में पंजाब में पराली जलाने के 49,922 मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 5,114 रह गई, उन्होंने कहा कि इससे पराली जलाने के मामलों में 90 प्रतिशत की कमी आई है, उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण को फायदा हुआ है और पंजाब को फसल अवशेष प्रबंधन रणनीति के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है.

किसानों से सहयोग की अपील

कृषि मंत्री ने किसानों से कहा कि वे धान की पराली को आग न लगाएं और इसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान करें, उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों को मशीनरी, जागरूकता और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने किसानों, अधिकारियों और गांवों के लोगों से पंजाब को पराली जलाने से मुक्त राज्य बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने की अपील की, उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण और टिकाऊ खेती सभी की साझा जिम्मेदारी है.

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