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हिंदी दिवस पर अनुवादिनी फाउंडेशन में खास आयोजन, भाषा और संस्कृति के महत्व पर हुई चर्चा

अनुवादिनी फाउंडेशन (AICTE) में हिंदी दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में हिंदी के महत्व, भारत की भाषाई विविधता और सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा हुई। संस्था के सीईओ डॉ. बुद्धा चंद्रशेखर ने कहा कि देश की ताकत उसकी मातृभाषाओं और क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण में है। आयोजन में भाषण, ओपन माइक और संवादात्मक गतिविधियां भी हुईं।

Hindi Diwas 2026 : अनुवादिनी फाउंडेशन (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) में हिंदी दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अनुवादिनी फाउंडेशन के सीईओ और निदेशक डॉ. बुद्धा चंद्रशेखर विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में अनुवादिनी फाउंडेशन के कर्मचारियों और सदस्यों ने हिंदी के महत्व के साथ-साथ भारत की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत के महत्व को रेखांकित किया।

समारोह में भाषा की उस भूमिका पर विशेष चर्चा हुई जो सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने, सामाजिक संबंधों को मजबूत बनाने और देश की समृद्ध विरासत को प्रतिबिंबित करने में निभाई जाती है। डॉ. बुद्धा चंद्रशेखर सर ने कहा कि “भारत की भाषाई परंपरा में हिंदी का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन देश की असली ताकत उसकी अनेक मातृभाषाओं और क्षेत्रीय भाषाओं के सह-अस्तित्व और संरक्षण में निहित है।”

भाषा, संस्कृति, पहचान और भाषाई विविधता

कार्यक्रम में कई सारगर्भित भाषणों के साथ-साथ ओपन माइक प्रतियोगिता और अन्य संवादात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों ने प्रतिभागियों को भाषा, संस्कृति, पहचान और भाषाई विविधता जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया, जिससे यह आयोजन रोचक और विचारोत्तेजक बन गया।

भाषाई विविधता देश की सामूहिक पहचान

इस अवसर ने भारत की भाषाई विरासत को संरक्षित करने, बढ़ावा देने और अपनाने की आवश्यकता की याद भी दिलाई। समारोह में इस बात पर बल दिया गया कि भाषाई विविधता केवल एक सांस्कृतिक विशेषता नहीं, बल्कि देश की सामूहिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सभा को संबोधित करते हुए अनुवादिनी फाउंडेशन के नेतृत्व ने भारत की भाषाओं के प्रति अधिक सम्मान और सराहना को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि भाषाई विविधता निरंतर फल-फूल सके।

कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह

हिंदी दिवस का यह आयोजन एक सकारात्मक और चिंतनशील माहौल में संपन्न हुआ, जिसने इस संदेश को और पुख्ता किया कि भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण एक साझा जिम्मेदारी है। कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह ने इस आयोजन को सार्थक और यादगार बना दिया।

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