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गुजरात विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित, उत्तराखंड के बाद बना दूसरा राज्य

Uniform Civil Code : गुजरात विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) से संबंधित विधेयक पारित कर दिया है। इसके साथ ही Uttarakhand के बाद यह कदम उठाने वाला गुजरात देश का दूसरा राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री Bhupendra Patel ने राज्य द्वारा नियुक्त पैनल की अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत होने के लगभग एक सप्ताह बाद इस विधेयक को सदन में पेश किया।

राज्यभर में लागू होगा कानून

यह प्रस्तावित कानून पूरे राज्य में लागू होगा। साथ ही यह प्रावधान किया गया है कि यह कानून राज्य की सीमाओं से बाहर रहने वाले निवासियों पर भी लागू हो सकता है। हालांकि, अनुसूचित जनजातियों (ST) और कुछ ऐसे समूहों को इससे छूट दी गई है, जिनके पारंपरिक अधिकार संविधान द्वारा संरक्षित हैं।

विधेयक की प्रमुख विशेषताएं

1. समान कानूनी ढांचा

इस कानून के तहत सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और विरासत जैसे मामलों में समान नियम लागू होंगे।

2. लिव-इन रिलेशनशिप का अनिवार्य पंजीकरण

लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है, जिससे इस तरह के संबंधों को कानूनी पहचान और निगरानी मिल सके।

3. बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध

विधेयक में एक से अधिक विवाह (बहुविवाह) पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रावधान शामिल है।

4. बेटियों को समान अधिकार

पैतृक संपत्ति में बेटियों को बेटों के बराबर अधिकार देने का प्रावधान किया गया है, जिससे लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा।

किन पर लागू नहीं होगा कानून

यह विधेयक अनुसूचित जनजातियों (ST) और उन समुदायों पर लागू नहीं होगा, जिनके प्रथागत अधिकार संविधान के तहत संरक्षित हैं। इन समूहों की पारंपरिक व्यवस्थाओं को इस कानून से अलग रखा गया है।

उल्लंघन पर सजा का प्रावधान

विधेयक में निकाह हलाला जैसी प्रथाओं को समाप्त करने का भी प्रस्ताव है। इसके साथ ही नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान भी रखा गया है, ताकि कानून का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

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