पहले गंदा बयान फिर मांगी माफी, माननीयों के सदन में ‘बलात्कार’ पर हंसी-ठिठोली

Ramesh Kumar Rape Comment
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बेंगलुरु: कर्नाटक विधानसभा के दों माननीयों के बयान और हंसी-ठिठोली ने पुरे देश की मर्यादा को ताक पर रख दिया।

‘रेप रोका न जाए तो लेटिए और मजे लीजिए’ कांग्रेस विधायक के आर रमेश कुमार के इस बयान के बाद उन्हें कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। अचरज की बात तो ये है कि जिन महिलाओं के वोट से के आर रमेश कुमार सदन में पहुंचे हैं, वहां पहुंच कर उनकी ही मर्यादा का चीर-हरण कर रहें है।

लेकिन जब विधायक रमेश कुमार ने महिलाओं का विरोध देखा तो माफी मांग ली। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा,

“आज की सभा में ‘दुष्कर्म’ के बारे में मेरे द्वारा की गई टिप्पणी के लिए मैं सभी से पूरी ईमानदारी से क्षमा चाहता हूं। मेरा इरादा जघन्य अपराध को छोटा दिखाने का नहीं था, बल्कि एक बिना सोची और समझी की गई टिप्पणी थी! मैं अब से अपने शब्दों को सावधानी से सबके सामने रखूंगा।”

बता दें ऐसा पहली बार नहीं है जब कांग्रेस विधायक ने ऐसी बेहूदगी भरा बयान दिया हो, इससे पहले भी सदन के स्पीकर के पद पर रहते हुए उन्होंने बलात्कार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है।

साल 2019 में उन्होंने सदन में कहा था,“अगर बलात्कार हो तो उसी जगह बात खत्म करने से बलात्कार नही कहलाता लेकिन अगर बलात्कार को लेकर कोई शिकायत की जाती है तो कोर्ट में पीड़िता का 100 बार बलात्कार होता है। मैं बलात्कार पीड़िता की तरह महसूस कर रहा हूं। अभी मेरी स्थिति वैसी ही है”

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