Punjab News : आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने सोमवार को बादल परिवार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ऐतिहासिक अकाली दल को एक पारिवारिक राजनीतिक पार्टी में बदल दिया गया है, उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने सिख संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने और उन्हें निजी व राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की.
बलतेज पन्नू ने अमरजीत सिंह चावला और एक महिला से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए सवाल उठाए, उन्होंने पूछा कि श्री आनंदपुर साहिब में एसजीपीसी लॉज में महिला को महीनों तक रहने की अनुमति कैसे दी गई और इस मामले में संबंधित लोगों को इतनी शक्तियां कैसे मिलीं.
अकाली दल के इतिहास का किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बलतेज पन्नू ने कहा कि अकाली मोर्चों का इतिहास कुर्बानियों का इतिहास रहा है, उन्होंने कहा कि पहले आम अकाली अपनी कुर्बानियों के कारण सम्मान हासिल करते थे, लेकिन अब यह परंपरा बदल गई है, उन्होंने आरोप लगाया कि एक परिवार ने अकाली दल पर कब्जा कर लिया है, उन्होंने कहा कि बादल परिवार अब यह दावा नहीं कर सकता कि शिरोमणि अकाली दल एक प्रतिनिधि पंथक पार्टी है.
एसजीपीसी और अमरजीत सिंह चावला मामले पर सवाल
बलतेज पन्नू ने हाल ही में अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ दर्ज एफआईआर का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले ने सिख संस्थाओं के कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं, उन्होंने सवाल किया कि एसजीपीसी लॉज में कोई महिला महीनों तक कैसे रह सकती है, उसे रहने की जगह, वाहन और अन्य सुविधाएं किसने उपलब्ध कराईं और इसका खर्च किसने उठाया, उन्होंने एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से भी सवाल किए और पूछा कि जब महिला शिकायत लेकर उनके पास पहुंची तो क्या कार्रवाई की गई.
बलतेज पन्नू ने वर्ष 2015 के बेअदबी विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय हुई घटनाओं और कोटकपूरा व बहबल कलां गोलीकांड को पंजाब के लोग नहीं भूले हैं, उन्होंने आरोप लगाया कि बादल सरकार के कार्यकाल में इन घटनाओं से सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची.
सिख संस्थाओं के इस्तेमाल का लगाया आरोप
बलतेज पन्नू ने आरोप लगाया कि बादल परिवार का एजेंडा सिख संस्थाओं पर नियंत्रण करना और उनका इस्तेमाल राजनीतिक व निजी फायदे के लिए करना रहा है. उन्होंने कहा कि गंभीर विवादों का सामना कर रहे लोगों को बादल नेतृत्व की ओर से बार-बार महत्व क्यों दिया गया, इसका जवाब दिया जाना चाहिए, उन्होंने बटाला के गुरुद्वारा कंध साहिब में हुए कार्यक्रम का जिक्र करते हुए भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसे फैसलों से सिख संस्थाओं के कामकाज को लेकर क्या संदेश जाता है.
सुखबीर बादल और नेताओं से मांगा जवाब
बलतेज पन्नू ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल और अन्य नेताओं को यह बताना चाहिए कि अमरजीत सिंह चावला को इतनी शक्तियां किसने दीं और एसजीपीसी के तहत संस्थाओं की स्थिति ऐसी कैसे बनी,उन्होंने हरसिमरत कौर बादल, बिक्रम मजीठिया और अन्य नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए.
बलतेज पन्नू ने मांग की कि एसजीपीसी गुरुद्वारों और सरायों के बाहर उन लोगों की जानकारी लगाई जाए, जिन्हें सिख धर्म से निकाल दिया गया है, ताकि संगत को जानकारी मिल सके. उन्होंने कहा कि सिख बुद्धिजीवियों और पूरे सिख समुदाय को इन मुद्दों पर अपनी आवाज उठानी चाहिए, उन्होंने आरोप लगाया कि बादल गुट द्वारा सिख संस्थाओं को नुकसान पहुंचाया जा रहा है.
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