West Bengal Politics : पश्चिम बंगाल में उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और झटका लगा है. नंदीग्राम के बाद अब रेजीनगर विधानसभा सीट से TMC उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने भी उपचुनाव से अपना नामांकन वापस लेने की बात कही है.
इससे पहले शुक्रवार को नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी खेमे की TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया था. उपचुनाव में करीब एक महीने का समय बाकी था, इसी बीच दोनों सीटों पर उम्मीदवारों के नाम वापस लेने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है.
नामांकन वापसी से पहले सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात
संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लेने से कुछ घंटे पहले राज्य सचिवालय नबन्ना में मुख्यमंत्री और नंदीग्राम के मौजूदा विधायक सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी.
शुरुआत में इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया गया था, क्योंकि सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम के विधायक होने के साथ-साथ मुख्यमंत्री भी हैं. हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं.
बताया गया कि डे ने कथित तौर पर सुवेंदु अधिकारी से निजी तौर पर मुलाकात की थी. यह घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब चुनाव आयोग ने आगामी रेजीनगर और नंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी खेमे को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह और रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट को ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया था.
ममता बनर्जी ने बीजेपी पर साधा निशाना
संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने बीजेपी पर निशाना साधा था, उन्होंने बीजेपी को ‘जुमला पार्टी’ बताते हुए कहा था कि उनका खेमा कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगा.
ममता बनर्जी ने यह भी कहा था कि वह INDIA ब्लॉक के साथ हैं. अब रेजीनगर सीट से TMC उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने की खबर के बाद उपचुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं.
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