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होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का बड़ा फैसला, जहाजों से वसूलेगा शुल्क, ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा

ईरान की संसद ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। वहीं अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की बात कही है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दोनों देशों के बीच रणनीतिक टकराव जारी है।

Middle East Crisis : ईरान की संसद ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले विदेशी जहाजों से टोल या सेवा शुल्क लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस शुल्क के बदले जहाजों को समुद्री सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता हसन काशकवी ने बताया कि शुल्क भुगतान के बदले जहाजों को समुद्री सहायता, पर्यावरण संबंधी सेवाएं और जरूरत पड़ने पर ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा। भुगतान ईरानी मुद्रा रियाल या किसी अन्य स्वीकृत करेंसी में किया जा सकेगा।

अंतिम चरण में आर्थिक दबाव अभियान

इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच आर्थिक और रणनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ट्रम्प प्रशासन ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव अभियान के अंतिम चरण में है। अमेरिका का लक्ष्य ईरान की आय के प्रमुख स्रोतों को प्रभावित करना बताया गया है।

ईरान ने खाड़ी देशों को दी चेतावनी

अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए सभी सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल की बात कही है। वहीं ईरान ने उन खाड़ी देशों को चेतावनी दी है, जो अमेरिकी प्रतिबंधों में सहयोग करेंगे। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि ऐसे देशों को विरोधी माना जाएगा।

इसी बीच ईरान के एक अधिकारी ने दावा किया है कि तेहरान को मक्का समझौते में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। हालांकि, सऊदी अरब, तुर्किये, पाकिस्तान या ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

अमेरिका ने की थी नियंत्रण की बात

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच रणनीतिक खींचतान भी बढ़ती नजर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने इससे जुड़ी एक तस्वीर भी साझा की थी।

होर्मुज स्ट्रेट सबसे महत्वपूर्ण रास्ता

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में शामिल है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है। मौजूदा तनाव के बीच यहां जहाजों के लिए ईरानी और ओमानी रास्तों को लेकर अलग-अलग रणनीतियां अपनाई जा रही हैं।

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