Petrol Diesel Price : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि उनका ध्यान ईरान के तेल पर है और वह इसे हासिल करना चाहते हैं, उन्होंने विशेष रूप से खार्ग द्वीप का जिक्र किया, जो ईरान के कुल तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र है. इस बयान के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 116.75 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि WTI क्रूड भी 100 डॉलर के पार हो गया.
मार्च में ब्रेंट क्रूड लगभग 60 प्रतिशत बढ़ चुका है और यह तीसरा लगातार महीना है, जब तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है. अमेरिका ने कूटनीतिक प्रयास किए हैं, लेकिन क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है. इसी बीच यमन के हूती लड़ाकों ने इजराइल पर मिसाइल हमले किए हैं और चेतावनी दी है कि जब तक ईरान और उसके सहयोगी समूहों पर हमले नहीं रुके, उनकी कार्रवाई भी जारी रहेगी. लाल सागर में 2023 के गाजा संघर्ष के बाद से हूतियों ने पश्चिमी जहाजों के मार्ग पर रोक लगा रखी है. अगर सऊदी अरब के यनबू क्षेत्र से निकलने वाले तेल पर भी खतरा बढ़ा, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और सीमित हो सकती है.
तेल पर भू-राजनीति का असर
वहीं, SS WealthStreet की संस्थापक सुगंधा सचदेवा का कहना है कि तेल बाजार पूरी तरह से जियोपॉलिटिकल घटनाओं से प्रभावित हो रहा है, उन्होंने बताया कि ब्रेंट क्रूड के लिए 93 और 73 डॉलर पर मजबूत समर्थन स्तर हैं, लेकिन ऊपर की ओर 120 डॉलर तक की तेजी संभव है. यदि हालात और बिगड़ते हैं तो कीमत 150 डॉलर तक भी जा सकती है.

पेट्रोल-डीजल पर सरकारी छूट का फायदा
भारत में फिलहाल आम उपभोक्ता को राहत मिली है. सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी है और डीजल पर 10 रुपये की ड्यूटी पूरी तरह हटा दी है. इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के बढ़ने का असर सीधे भारतीय नागरिकों तक न पहुंचने देना है.
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