Biharराज्य

बिहार में खुले में मांस बिक्री पर रोक, दुकानों पर पर्दा या काला शीशा लगाना अनिवार्य

Bihar News : उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब बिहार में भी खुले में मांस बिक्री पर रोक लगाई जाएगी. यानी अब मांस की दुकानों को पर्दे या शीशे से ढकना जरूरी होगा, ताकि राहगीरों को कोई असुविधा न हो.

बिहार के डिप्टी सीएम, विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अब खुले में मांस की बिक्री नहीं होगी. लाइसेंस वाले ही मांस बेच सकेंगे. मांस बेचने वालों को सभी नियमों का पालन करना होगा, नहीं तो कड़ी कार्रवाई होगी. वहीं, अब शव वाहनों पर किसी भी तरह का कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा.

दुकानों को पर्दा या काला शीशा लगाना अनिवार्य

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में खुले में मांस की बिक्री को लेकर कड़े नियम लागू हैं, राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, किसी भी दुकान पर मांस को खुले में प्रदर्शित करना या लटकाना पूरी तरह बैन है. दुकानदारों के लिए अपनी दुकान के सामने काला शीशा या मोटा पर्दा लगाना अनिवार्य है, ताकि बाहर से गुजरने वाले राहगीरों को मांस दिखाई न दे.

इसके साथ ही, मांस की कोई भी दुकान किसी भी धार्मिक स्थल या शैक्षणिक संस्थान के निर्धारित दायरे (50 से 100 मीटर) के भीतर नहीं हो सकती, ताकि लोगों के जनभावनाओं का सम्मान बना रहे.

साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन अनिवार्य

केवल उन्हीं दुकानदारों को मांस बेचने की अनुमति होगी जिनके पास खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) और स्थानीय नगर निकाय का वैध लाइसेंस हो. इन नियमों के तहत दुकान के अंदर साफ-सफाई के उच्च मानक बनाए रखना अनिवार्य होगा, जिसमें जल निकासी की सही व्यवस्था और कचरे का सुरक्षित निपटान शामिल है.

अवैध बूचड़खानों पर पूर्ण प्रतिबंध

उत्तर प्रदेश में दुकानदार मांस के अवशेषों को सड़क या खुले में नहीं फेंक सकते. इसके अलावा, अवैध बूचड़खानों पर पूरी तरह से रोक है और केवल अधिकृत स्लाटर हाउस से प्रमाणित मांस ही बेचा जा सकता है. इन नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना, दुकान की सीलिंग और लाइसेंस रद्द करने जैसी कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है.

ये भी पढ़ें- गुजरात में 30 से अधिक स्कूलों में बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस और डॉग स्क्वाड टीमें एक्टिव

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button