Delhi To Varanasi Bullet Train : दिल्ली से वाराणसी 800-950 KM है, अब यह सफर बुलेट ट्रेन परियोजना (हाई-स्पीड ट्रेन) से 3.5 से 3 घंटे 50 मिनट में पूरा हो जाएगा, वहीं अभी वंदे भारत एक्सप्रेस से इसमें 8 घंटे का समय लगता है। वाराणसी से सिलीगुड़ी का लगभग 700 km का सफर 3 घंटे या इससे कम समय में कम्पलीट हो जाएगा।
300-320 km/घंटा है स्पीड
दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी जब दोनों कॉरिडोर जुड़ जाएंगे, तो दिल्ली से सिलीगुड़ी 1500 km का सफर 7-8 घंटे में हो जाएगा, जिससे नॉर्थईस्ट की यात्रा बहुत आसान हो जाएगी। इससे बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के लोगों को भी तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक ट्रेनों की अधिकतम गति 300-320 km/घंटा है।
डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट की जा रही तैयार
2021 में हुए प्रारंभिक सर्वे के अनुसार, उत्तर प्रदेश में एक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेगा, जो मथुरा, आगरा, लखनऊ, अयोध्या और प्रयागराज को जोड़ेगा। इस परियोजना के तहत डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है, और इसे पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य है।
किसानों को मिलेगा लाभ, रोजगार के अवसर
यह कॉरिडोर प्रयागराज को एक आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब बना देगा, जिससे यातायात में सुधार होगा और संगम पर आने वाली भीड़ को भी आसानी होगी। दिल्ली से एक दिन में यात्रा संभव होने से आईटी और प्रोफेशनल लोग इन शहरों में बस सकते हैं। इस प्रोजेक्ट से स्थानीय किसानों को मुआवजा और रोजगार भी मिलेगा।
प्रयागराज-वाराणसी शहरों में होगी बसावट
दिल्ली से एक दिन में जाकर वापस आना संभव होने से आईटी और प्रोफेशनल सेक्टर के लोग प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में बसना पसंद करेंगे। सर्वे के दौरान जमीन अधिग्रहण की चर्चाओं के बीच यह भी स्पष्ट किया गया है कि विकास की इस प्रक्रिया में स्थानीय किसानों को उचित मुआवजा और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
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