Middle East Crisis : अमेरिका ने ईरान पर तीन दिनों में दूसरी बार सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना की ओर से मंगलवार रात सिरिक, खुजस्तान, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास समेत कई इलाकों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। हमलों में मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है।
ईरान का आरोप है कि सिरिक इलाके में एक शादी समारोह के दौरान मिसाइल गिरी, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई और करीब 68 लोग घायल हो गए। ईरानी मीडिया के अनुसार, मृतकों में एक चार साल का बच्चा भी शामिल था। हमले के बाद अस्पतालों में घायलों के इलाज की तस्वीरें सामने आने का दावा किया गया।
अमेरिका ने कई स्थानों को बनाया निशाना
वहीं खुजस्तान प्रांत में हुए हमलों को लेकर ईरान ने 7 लोगों की मौत और 8 लोगों के घायल होने की जानकारी दी है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका ने यहां कई स्थानों को निशाना बनाया। हालांकि अमेरिकी पक्ष का कहना है कि उसकी कार्रवाई केवल ईरान के सैन्य ठिकानों को लेकर थी।
इन हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि इन हमलों में हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
USS अब्राहम लिंकन पहुंचा थाईलैंड
अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन बुधवार को थाईलैंड पहुंचा। यह पोत 200 दिनों से अधिक समय तक समुद्र में तैनात रहने के बाद पांच दिन के ठहराव के लिए पहुंचा है। पोत पर करीब 5,000 सैनिक और कर्मचारी मौजूद हैं।
यह युद्धपोत पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े अमेरिकी मिशन का हिस्सा था। लंबे समय तक समुद्र में तैनाती के कारण इसमें मौजूद कर्मियों की मानसिक स्थिति और सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठे हैं।
रूस-ईरान मिसाइल तकनीक सहयोग की चर्चा
इस बीच रूस और ईरान के बीच सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तकनीक को लेकर कथित सहयोग की खबरों ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच 2023 से एक गुप्त तकनीकी कार्यक्रम चल रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता को मजबूत करना बताया जा रहा है।
रूसी मिसाइल को ईरान ने किया तैनात
इस कथित कार्यक्रम में रूस के मिसाइल विशेषज्ञों की भागीदारी और रैमजेट प्रोपल्शन तकनीक पर सहयोग का दावा किया गया है। हालांकि अभी तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है कि रूस की मदद से विकसित किसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को ईरान ने तैनात किया है।
समुद्री और जमीनी ठिकानों को निशाना
विशेषज्ञों के अनुसार, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें तेज गति और कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता के कारण आधुनिक रक्षा प्रणालियों के लिए चुनौती बन सकती हैं। इनका इस्तेमाल समुद्री और जमीनी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है।
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