Nepal Floods : नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ से भारी तबाही मची है। नेपाल त्रासदी में अब तक 955 लोगों की मौत हो गई है। 4400 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे है। बता दें कि 26 अगस्त को तिब्बत में अचानक ग्लेशियर टूटने से नेपाल के कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन हुआ। जिससे पूरे नेपाल में हालात बेकाबू बने हुए हैं। राहत बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। नेपाल बाढ़ में कई विदेशी पर्यटक भी लापता हैं।
नेपाल से हैरान कर देने वाले वीडियो भी सामने आएं है। तेज बहाव और चारों तरफ पानी से घिरे होने के बावजूद एक घर मजबूती से खड़ा दिखाई दिया। जबकि उसी घर में बालकनी में खड़े तीन लोग इस भयावह मंजर को देख रहे थे। ग्लेशियर टूटने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल और तिब्बत में भारी नुकसान पहुंचाया है।
11 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित
नेपाल सरकार ने विदेशी रेस्क्यू टीमों और विशेषज्ञों की मदद लेने को मंजूरी दे दी है। भारत, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया के एक्सपर्ट्स की सीमित मदद ली जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 11 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। रेस्क्यू ऑपरेशन में नेपाल सेना समेत 22 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
16 हेलिकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे
नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के प्रवक्ता शांति महत के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में 16 हेलिकॉप्टर भी रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन में लगाए गए हैं।
ऐसे बची 900 छात्रों की जान
नेपाल बाढ़ के दौरान एक स्कूल प्रिंसिपल के फैसले ने करीब 900 स्टूडेंट्स की जान बचा ली। त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल ने बाढ़ की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए समय रहते एक्शन लिया और फौरन स्कूल खाली करा लिया और बच्चों को ऊंची जगह पर भेज दिया गया।
स्कूल के दो कर्मचारी अभी लापता
जानकारी के आधार पर स्कूल में 1,600 से अधिक छात्र पढ़ाई करते हैं और बाढ़ से पूर्व करीब 900 स्टूडेंट्स कैंपस में मौजूद थे। बता दें कि जैसे ही छात्र पहाड़ी पर पहुंचे उसके कुछ देर बाद ही पानी, कीचड़, चट्टानों और मलबे का तेज बहाव स्कूल की इमारत को बहा ले गया। स्कूल के दो कर्मचारी अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
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