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चौथी बार ब्राजील के राष्ट्रपति बने लूला दा सिल्वा, जानिए चुनावी मुकाबले के अहम मुद्दे

Brazil Election 2026 : ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चौथी बार राष्ट्रपति पद हासिल किया है। पहले चरण में पिछड़ने के बाद लूला ने दूसरे दौर में 51.79% वोट हासिल किए, जबकि फ्लावियो को 48.21% वोट मिले। अब लूला के सामने गरीबों को राहत, रोजगार बढ़ाने और संसद में समर्थन जुटाने की चुनौती होगी।

Brazil Election 2026 : ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने शानदार वापसी करते हुए फ्लावियो बोल्सोनारो को हरा दिया है। 25 अक्टूबर 2026 को हुए दूसरे चरण के मतदान में जीत के साथ लूला ने अपने चौथे राष्ट्रपति कार्यकाल का रास्ता साफ कर लिया।

ब्राजील के चुनाव प्राधिकरण के अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, लूला को 51.79% और फ्लावियो को 48.21% वैध वोट मिले। इस तरह पहले चरण में पीछे रहने के बावजूद लूला ने अंतिम मुकाबला अपने नाम कर लिया।

पहले दौर में फ्लावियो बोल्सोनारो को मिली थी बढ़त

ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव दो चरणों में कराया जाता है। पहले चरण में यदि किसी उम्मीदवार को 50% से अधिक वैध वोट नहीं मिलते, तो सबसे ज्यादा वोट पाने वाले दो उम्मीदवारों के बीच दूसरे दौर का मुकाबला होता है।

4 अक्टूबर को हुए पहले चरण में फ्लावियो बोल्सोनारो को 47.03% वोट मिले थे, जबकि लूला 45.16% वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। दोनों में से कोई भी उम्मीदवार जरूरी बहुमत हासिल नहीं कर पाया, इसलिए 25 अक्टूबर को फिर मतदान हुआ। दूसरे चरण में लूला ने बढ़त हासिल कर ली।

लूला ने रचा राजनीतिक इतिहास

लूला इससे पहले 2003 से 2010 तक लगातार दो कार्यकाल के लिए ब्राजील के राष्ट्रपति रह चुके हैं। इसके बाद 2022 के चुनाव में उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को हराकर सत्ता में वापसी की थी। अब 2026 का चुनाव जीतकर उन्होंने चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल हासिल किया है। यह उनके राजनीतिक जीवन की एक और बड़ी उपलब्धि है।

जेल जाने से लेकर राष्ट्रपति पद तक का सफर

लूला का राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव से गुजरा है। वर्ष 2018 में भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में उन्हें जेल जाना पड़ा था, जिसके कारण वह उस समय राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ सके। बाद में उनकी दोषसिद्धि रद्द कर दी गई और उनके खिलाफ मामले की कानूनी स्थिति बदल गई। इसके बाद उन्होंने 2022 के चुनाव में हिस्सा लिया और जीत दर्ज की।2026 की जीत ने उन्हें एक बार फिर ब्राजील की राजनीति के केंद्र में ला दिया है।

दो चरणों में कैसे होता है ब्राजील का राष्ट्रपति चुनाव?

ब्राजील में राष्ट्रपति चुनने के लिए दो दौर की मतदान प्रक्रिया अपनाई जाती है।

पहला चरण: सभी पात्र उम्मीदवार चुनाव लड़ते हैं। यदि कोई उम्मीदवार 50% से अधिक वैध वोट प्राप्त कर लेता है, तो वह राष्ट्रपति निर्वाचित हो जाता है। ऐसा नहीं होने पर सबसे ज्यादा वोट पाने वाले दो उम्मीदवार दूसरे चरण में पहुंचते हैं।

दूसरा चरण: दोनों शीर्ष उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला होता है। इस दौर में सबसे अधिक वैध वोट पाने वाला उम्मीदवार चुनाव जीतता है। पहले चरण में बाहर हुए उम्मीदवारों के मतदाताओं को अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देने का अवसर मिलता है। इसी व्यवस्था के कारण पहले दौर में फ्लावियो को मिली बढ़त दूसरे दौर में निर्णायक साबित नहीं हुई और लूला ने जीत हासिल कर ली।

महिलाओं और कैथोलिक मतदाताओं का समर्थन भी चर्चा में

चुनाव से पहले सामने आए सर्वेक्षणों में महिलाओं और कैथोलिक मतदाताओं के बीच दोनों उम्मीदवारों के समर्थन को लेकर अंतर बताया गया था। उपलब्ध चुनावी चर्चा में महिलाओं के बीच लूला को 49% और फ्लावियो को 40% समर्थन मिलने का दावा किया गया था। कैथोलिक मतदाताओं के बीच लूला के लिए 52% और फ्लावियो के लिए 42% समर्थन का आंकड़ा भी बताया गया था।

हालांकि, इन आंकड़ों की पुष्टि के लिए सर्वेक्षण कराने वाली संस्था, सर्वे की तारीख और नमूने का विवरण जरूरी है। लूला ने चुनाव प्रचार में ब्राजील की स्वतंत्र विदेश नीति और अमेरिका के दबाव में आए बिना अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार निर्णय लेने पर भी जोर दिया था।

संसद में लूला के सामने रहेंगी चुनौतियां

राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बावजूद लूला के लिए सरकार चलाना आसान नहीं होगा। ब्राजील की संसद में दक्षिणपंथी दलों का प्रभाव उनकी नीतियों और विधायी एजेंडे को प्रभावित कर सकता है।

सरकारी खर्च, सामाजिक कल्याण योजनाओं, रोजगार और सार्वजनिक परिवहन से जुड़े प्रस्तावों को लागू करने के लिए उन्हें सांसदों का समर्थन जुटाना होगा। यदि संसद में पर्याप्त सहयोग नहीं मिला, तो कई योजनाओं को मंजूरी दिलाने में देरी या राजनीतिक टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

गरीबों और मजदूरों के लिए लूला के प्रमुख वादे

चुनाव प्रचार के दौरान लूला ने आर्थिक असमानता कम करने और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने पर जोर दिया था। उनके एजेंडे में मुख्य रूप से ये मुद्दे शामिल रहे-

  • सरकारी सहायता में बढ़ोतरी: गरीब परिवारों को आर्थिक राहत देने वाली योजनाओं को मजबूत करने पर जोर।
  • सार्वजनिक परिवहन में राहत: सप्ताहांत पर बस और मेट्रो की यात्रा मुफ्त करने का प्रस्ताव, जिसे लागू करने के लिए वित्तीय व्यवस्था और संबंधित सरकारी मंजूरियां जरूरी होंगी।
  • गरीबी और बेरोजगारी में कमी: रोजगार के अवसर बढ़ाने, मजदूरों की आर्थिक स्थिति सुधारने और जरूरतमंद परिवारों को सहायता देने पर जोर।

इन वादों को पूरा करने की क्षमता सरकारी संसाधनों, संसद के समर्थन और नीतियों के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।

अमेरिका के साथ संबंध और राष्ट्रीय स्वायत्तता पर नजर

लूला ने चुनाव प्रचार के दौरान ब्राजील के स्वतंत्र निर्णय लेने के अधिकार को प्रमुखता दी। अमेरिका के साथ व्यापारिक और राजनीतिक संबंधों के बीच उनकी सरकार की विदेश नीति भी चर्चा का विषय बनी रहेगी।

दूसरी ओर, घरेलू स्तर पर महंगाई, सार्वजनिक सुरक्षा, रोजगार और सामाजिक कल्याण जैसे मुद्दे नई सरकार के लिए अहम रहेंगे। चौथी बार राष्ट्रपति बनने के बाद लूला के सामने अब चुनावी वादों को नीतियों में बदलने और विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनाने की चुनौती होगी।

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