Uttar Pradesh

Ghaziabad Triple Suicide : तीन बहनों के दिल दहला देने वाले आखिरी शब्द, डायरी ने सुनाई दास्तां

Ghaziabad Triple Suicide : गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। कोरियन गेम तीन बहनों के लिए जानलेवा बन गया। गाजियाबाद में 3 बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। पहली पहली जांच में सामने आया कि बच्चियों ने कोरियन गेम के चलते मौत को गले लगाया। फिर मामले में गहनता से जांच में सामने आया कि पिता चेतन ने बच्चों को डांट लगाते हुए मोबाइल छीन लिया था। फिर उन्होंने 3 फरवरी की रात 2 बजे बालकनी से कूदकर जान दे दी।

डायरी से क्या-क्या लगा हाथ

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुसाइड नोट में ‘वी आर लव कोरियन लव लव लव, सॉरी. ट्रू लाइफ स्टोरी- इस डायरी में जो भी लिखा है वो सब पढ़ लो क्योंकि ये सब सच है। रीड नाउ, आई एम रियली सॉरी, सॉरी पापा.’ आगे लिखा कि लो छुडवाओगे हमसे कोरियन, कोरियन हमारी जान थी, तुम नहीं जानते थे कि हम उन्हें कितना चाहते थे, लो अब देख लिया सबूत, अब तो यकीन हो गया कि को कि कोरियन और के पोप हमारी जान है, जितना हम कोरियन एक्टर और के पोप ग्रुप को चाहते थे ना, उतना हम तुम घरवालों को भी नहीं चाहते थे, कोरियन तो हमारी जान थी।

इतना ही नहीं, इन तीन बहनों ने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि हम क्या तुम्हारी मार खाने के लिये जिएं इस दुनिया में, नहीं भाई नहीं, मार से बढ़िया तो हमें मौत ही अच्छी लगेगी। शादी के नाम से तो हमारे दिल में टेंशन होती थी। हम पसन्द और प्यार करते थे कोरियन से और शादी इंडिया के आदमी से, कभी नहीं। ऐसे तो हमें खुद से भी उम्मीद नहीं थी, इसलिये हमने खुदखुशी कर ली, सॉरी पापा।

खुद को भारतीय नहीं, कोरियन मानती

तीनों बच्चियों के नाम प्राची 14 साल, पाखी 12 साल, निशिका 16 साल की थी। तफ्तीश में कमरे से मिली डायरी और परिवार ने बताया, की बच्चियां खुद को भारतीय नहीं, कोरियन मानती थी। उन्हें लड़के भी कोरियन पसंद थे। वे अपना नाम तक बदल चुकी थीं। यूट्यूब की मदद से कोरियाई भाषा भी सीख ली थी। यूट्यूब चैनल पर कोरियन कंटेंट जनरेट करती थीं। घर में बातचीत भी कोरियाई भाषा में करती थी।

कोरियन म्यूजिक, भाषा सीखने लगी

गाजियाबाद में तीन बहनों ने आत्महत्या कर ली, जिनका कोरियन कल्चर से गहरा लगाव था। कोविड-19 के दौरान, स्कूल बंद होने के बाद वे कोरियन मूवीज और वेब-सीरीज देखने लगीं। पहले निशिका, फिर प्राची और पाखी भी उसकी तरह कोरियन कल्चर अपनाने लगीं। कई-कई घंटे कोरियन म्यूजिक सुनती थीं। वे कोरियन भाषा सीखने लगीं और आपस में उसी में बात करती थीं। परिवार के मुताबिक, उन्होंने खुद को भारतीय न मानकर कोरियन समझना शुरू कर दिया था, और पिता से भी यही कहती थीं।

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