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क्या सच में इन पांच गलतियों से गई अजित पवार समेत 5 लोगों की जान? जानें प्लेन क्रैश होने की मुख्य वजह

Deputy CM Ajit Pawar Plane Crash : महाराष्‍ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के बाद राजनीतिक गलियारे गमगीन हो गए हैं। एक सभा को संबोधित करने बारामती जा रहे डीप्टी सीएम की प्लेन क्रैस में दुखद मौत हो गई, जिसके बाद उनके प्रसंशकों में भी दुख की लहर दौड़ गई है। लेकिन सबके मन में ये सवाल जरूर उठ रहा है कि आखिरकार ऐसी कौन सी गलती हुई जिसके कारण इतना बड़ा हादसा हो गया।

बता दें कि जिस प्लेन से जा रहे थे उस प्लेन में कुछ पांच लोग सवार थे। उस प्लेन का रजिस्‍ट्रेशन नंबर VT-SSK है, जिसको वीएसआर एविएशन ऑपरेट कर रही थी। क्रैश हुआ प्‍लेन लियरजेट 45 एक्सआर (Learjet 45XR) मॉडल का एयरक्राफ्ट था। इस प्लेन के क्रैश होने की वजह जो सामने आ रही है 5 गलतियों की तरफ इशारा कर रही है।

दरअसल, एविएशन एक्सपर्ट्स का फिलहाल यही कहना है कि टेकऑफ और लैंडिंग ये दो ऐसे पल होते हैं जब पायलट पर सबसे ज्यादा दबाव होता है। हवा की रफ्तार, रनवे की स्थिति, प्‍लेन की स्पीड, ऊंचाई और कंट्रोल यह सबकुछ सेकेंड-टू-सेकेंड बदलता है। ऐसे में कोई भी छोटी सी चूक भी क्रैश की वजह बन सकती है। इनके अलावा भी कुछ कारण हैं जिससे प्लेन कैश होने का खतरा रहता है। जैसे-

·  खराब मौसम:
बारिश, धुंध और तेज हवाएँ लैंडिंग के समय गंभीर परेशानियाँ पैदा कर सकती हैं। तेज क्रॉस विंड प्लेन का संतुलन बिगाड़ देती है। बारिश से रनवे फिसलन भरा हो जाता है, जिससे ब्रेकिंग दूरी बढ़ जाती है और अगर मौसम अचानक खराब हो तो जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

·  रनवे विजिबिलिटी:
लैंडिंग के समय पायलट के लिए रनवे की लाइट्स और मार्किंग साफ दिखना जरूरी है। धुंध, बारिश या एयरपोर्ट लाइटिंग की खराबी पायलट का सही एलाइनमेंट बिगाड़ सकती है, जिससे प्लेन रनवे से भटक सकता है और क्रैश का खतरा बढ़ जाता है।

·  हार्ड लैंडिंग:
सही लैंडिंग में प्लेन धीरे-धीरे जमीन छूता है। लेकिन ज्यादा स्पीड, गलत एंगल या देर से फ्लेयर करने पर प्लेन जोर से जमीन से टकरा सकता है। इससे लैंडिंग गियर टूट सकता है या प्लेन उछल सकता है, और क्रैश की संभावना बढ़ जाती है।

·  पायलट का गलत निर्णय:
एविएशन में एक महत्वपूर्ण नियम है – “If in doubt, go around”। अगर लैंडिंग सुरक्षित न लगे, तो प्लेन को ऊपर उठाकर दोबारा लैंडिंग करनी चाहिए।

·  तकनीकी खराबी:
लैंडिंग के समय कई सिस्टम एक साथ काम करते हैं – लैंडिंग गियर, फ्लैप्स, ब्रेक, रिवर्स थ्रस्ट। इनमें से किसी का फेल होना प्लेन को सुरक्षित उतारना मुश्किल बना देता है और क्रैश का खतरा बढ़ा देता है।

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