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ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में बड़ा बदलाव, कहीं सख्ती तो कहीं मिलेगी छूट

Driving Licence Rules : ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या उसमें नाम-पता बदलवाने के लिए लोगों को अक्सर कागजी कार्रवाई और लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. अब इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में बदलाव का मसौदा जारी किया है. इसमें ड्राइविंग लाइसेंस के प्रारूप, जरूरी जानकारियों, ऑनलाइन सेवाओं और सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़े नियमों में बदलाव के प्रस्ताव शामिल हैं. हालांकि, अभी ये बदलाव प्रस्तावित हैं और अंतिम नियम जारी होने के बाद ही लागू हो सकेंगे.

प्रस्ताव के मुताबिक, ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने या उसका नवीनीकरण कराने पर इसे लैमिनेटेड कार्ड या पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) कार्ड के रूप में दिया जाएगा. इसके लिए फॉर्म-7 का इस्तेमाल होगा. भारतीय और विदेशी नागरिकों के लाइसेंस के प्रारूप और रंग अलग-अलग रखने का भी प्रस्ताव है, ताकि उनकी पहचान आसानी से की जा सके.

इसके अलावा, लाइसेंस पर धारक का ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क नंबर दर्ज करना अनिवार्य किया जा सकता है. इससे दुर्घटना या आपात स्थिति में संबंधित व्यक्ति अथवा उसके परिवार से संपर्क करने में मदद मिल सकती है.

सुरक्षित ड्राइविंग के लिए 75% अंक जरूरी?

मंत्रालय ने सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के आकलन में पास होने के लिए जरूरी अंक 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है. इसके साथ ही ट्यूटोरियल की अवधि कम से कम 30 मिनट निर्धारित करने की बात कही गई है. इस बदलाव का उद्देश्य आवेदकों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के बारे में बेहतर जानकारी देना है. हालांकि, यह व्यवस्था लागू होने के बाद ही मौजूदा प्रक्रिया में बदलाव होगा.

DL अपडेट पर 15 दिन में फैसला

ड्राफ्ट में ड्राइविंग लाइसेंस पर दर्ज व्यक्तिगत जानकारी, जैसे नाम और पता बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रस्ताव है. इसके तहत संबंधित लाइसेंसिंग अथॉरिटी को आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर फैसला लेना होगा. आवेदन स्वीकार नहीं होने पर अस्वीकृति का कारण भी बताना होगा.

मंत्रालय ने नाम और पते सहित व्यक्तिगत जानकारी में बदलाव के लिए लगने वाली फीस खत्म करने का भी प्रस्ताव रखा है. यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो लाइसेंस धारकों को अपनी जानकारी अपडेट कराने में आर्थिक राहत मिल सकती है.

पहचान-पते के लिए दस्तावेजों का प्रस्ताव

ड्राफ्ट में पहचान, उम्र और पते के सत्यापन के लिए कई दस्तावेजों को शामिल करने का प्रस्ताव है. इनमें आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, ई-राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, पेंशनभोगी फोटो पहचान पत्र और स्वतंत्रता सेनानी पहचान पत्र शामिल हैं.

इसके अलावा, केंद्र या राज्य सरकार तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की ओर से जारी सेवा पहचान पत्र और तीन महीने तक पुराने बिजली या गैस कनेक्शन के बिल जैसे दस्तावेजों को भी स्वीकार करने का प्रस्ताव है. कुछ मामलों में हलफनामे और जीवन बीमा पॉलिसी को प्रमाण के रूप में स्वीकार करने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है. वहीं, कार्यकारी मजिस्ट्रेट या नोटरी के सामने शपथ लेकर हलफनामा बनवाने की अनिवार्यता खत्म करने का प्रस्ताव रखा गया है.

आधार लिंक सेवाओं पर फीस में छूट

मंत्रालय ने आधार प्रमाणीकरण के जरिए पूरी की जाने वाली कुछ ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस सेवाओं के लिए फीस माफ करने का प्रस्ताव भी रखा है. हालांकि, किन सेवाओं पर यह छूट मिलेगी, यह अंतिम नियमों से स्पष्ट होगा.

ड्राफ्ट अधिसूचना पर संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं. इसके प्रकाशन के 30 दिनों के भीतर अपनी राय मंत्रालय को भेजी जा सकती है. फिलहाल ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े ये सभी बदलाव प्रस्ताव के स्तर पर हैं. इन्हें अंतिम मंजूरी मिलने और लागू किए जाने के बाद ही नई व्यवस्था प्रभावी होगी.

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