UP News : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक ही मामले से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का ध्यान खींचा है. एक ओर शंभूपुर तिहरे हत्याकांड में माता-पिता और भाई को खोने वाली दो बहनों को गोद लेने के लिए आजमगढ़ के एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के मानवीय कदम की अदालत ने सराहना की. वहीं, एसएसपी के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) राकेश कुमार सिंह के सरकारी वकील के साथ कथित अभद्र व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई.
महाराजगंज थाने से जुड़े सचिन यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने याचिका खारिज कर दी. इसी सुनवाई के दौरान एसएसपी के PRO के व्यवहार का मुद्दा सामने आया. अदालत ने इसे अनुचित मानते हुए राकेश कुमार सिंह को शाम 5 बजे तक कोर्ट कस्टडी में रखने का आदेश दिया.
पुलिस अधिकारियों के लिए जारी होगा सर्कुलर
अदालत ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया कि सभी पुलिस अधिकारियों के लिए सर्कुलर जारी किया जाए. इसमें सरकारी वकीलों और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े लोगों के साथ उचित व्यवहार सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाए. कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य के विधि अधिकारी आदेश के अनुपालन की जानकारी अदालत को दें. आदेश में इस तरह के दुर्व्यवहार को अदालत की अवमानना के संदर्भ में गंभीरता से लेने की बात कही गई.
दो बहनों की मदद के लिए SSP की सराहना
सुनवाई के दौरान अदालत ने शंभूपुर तिहरे हत्याकांड में अपने माता-पिता और भाई को खोने वाली दो बहनों को गोद लेने के एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के कदम की तारीफ की. इस मानवीय पहल की सराहना के साथ अदालत ने पुलिस अधिकारी के PRO के कथित व्यवहार पर सख्त रुख अपनाया.
एक ही सुनवाई में मानवीय पहल की प्रशंसा और पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश ने इस मामले को चर्चा में ला दिया है.
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