Aam Aadmi Party : इंडिया गेट पर भाजपा की दिल्ली पुलिस ने फिर बर्बरता की सारी हदें पार कर दी। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर से पैदल मर कर इंडिया गेट पहुंचे आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं समेत छात्र विंग एसैप के कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने जमकर बदसलूकी की।
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक संजीव झा, कुलदीप कुमार समेत अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर बड़ी बेरहमी से बस में ठूस दिया। इस दौरान सौरभ भारद्वाज को कुछ पुलिसकर्मियों ने पैरों से पकड़ कर ऊपर उठा दिया, जिससे उनका मुंह नीचे हो गया और सांस लेने में तकलीफ होने लगी, तब छोड़ा। पुलिस की इस बर्बरता पर ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस की बर्बरता बिल्कुल चौंकाने वाला है। मोदी जी ने हिटलर को भी पीछे छोड़ दिया।
जैसे मैं कोई फुटबॉल हूं- सौरभ भारद्वाज
उधर, हिरासत में लिए जाने के उपरांत ‘‘आप’’ के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पुलिस मुझे इस तरह से उठाकर फेंक रही है जैसे मैं कोई फुटबॉल हूं। पुलिस पैर ऊपर और सिर नीचे करके मुझे उठाकर ले गई। सबने देखा कि ये लोग हमारे साथ कितनी बदतमीजी कर रहे हैं। इतनी पुलिस फोर्स होने के बावजूद ये अपने एसीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कर रहे हैं और न ही उसे गिरफ्तार कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने पार की बर्बारता की पराकाष्ठा
जो लोग उस लड़की के हक के लिए यहां शांतिपूर्ण तरीके से खड़े हैं, पुलिस उनके साथ इस तरह की बदतमीजी कर रही है। ये पुलिस वाले आम आदमी को क्या समझते हैं? जब ये नेताओं और पत्रकारों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार कर रहे हैं, तो आम जनता के साथ कैसा व्यवहार करते होंगे? दिल्ली पुलिस ने बर्बारता की पराकाष्ठा पार कर दी है। केंद्र की भाजपा सरकार को अब जाना ही होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इंडिया गेट पर आएं और इस अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।
न आवाज़ रुकेगी, न जवाबदेही से भागने दिया जाएगा
इस दौरान बुराड़ी से ‘‘आप’’ विधायक संजीव झा ने कहा कि सत्ता चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, वह जनता के सवालों से भाग नहीं सकती। वोट हमारा है, संविधान हमारा है और लोकतंत्र भी हमारा है। चुनावी प्रक्रिया और वोट के अधिकार को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब चुप्पी, दबाव या पुलिसिया कार्रवाई से नहीं, बल्कि पारदर्शिता और तथ्यों से देना होगा। न सवाल दबेंगे, न आवाज़ रुकेगी, न किसी को जवाबदेही से भागने दिया जाएगा और न ही लोकतांत्रिक अधिकारों पर कोई समझौता होगा।
ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर ही रहेंगे
संजीव झा ने आगे कहा कि हम इंडिया गेट से जंतर-मंतर मार्च करने आए थे, लेकिन पुलिस फोर्स ज्ञानेश कुमार जैसे गद्दारों को बचाने की कोशिश कर रही है। ज्ञानेश कुमार ने इस देश के साथ गद्दारी की है, चोरी से भाजपा की सरकार बनाई है और लोगों के वोटिंग राइट को छीना है। जब तक ज्ञानेश कुमार को हटाया नहीं जाता, हमारा यह प्रोटेस्ट जारी रहेगा। एक तरफ सरकार की तानाशाही है और दूसरी तरफ हमारा संघर्ष है। हम अपनी जान की बाजी लगाकर इस देश के जनतंत्र की रक्षा करेंगे और ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर ही रहेंगे।
जहां जरूरत पड़ेगी, हमारा यह आंदोलन जारी रहेगा
उधर, कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि देश के गद्दार ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही पड़ेगा। ज्ञानेश कुमार वोट चोर हैं और उसने गरीबों के वोट काटे हैं। अमित शाह और मोदी उसे बचाना चाहते हैं, लेकिन ज्ञानेश कुमार अब बचेगा नहीं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार जैसे गद्दार को इस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उसने लोगों के वोटिंग राइट को छीना है और चोरी से भाजपा की सरकार बनवाई है। जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाया नहीं जाता और हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक सड़क से लेकर सदन तक, जहां जरूरत पड़ेगी, हमारा यह आंदोलन जारी रहेगा।
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