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पंजाब के 5 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इनोवेशन लैब की शुरुआत, तकनीकी शिक्षा को मिलेगी नई दिशा

Punjab Government : तकनीकी शिक्षा को आधुनिक बनाने और विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने राज्य के पांच सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इनोवेशन लैब स्थापित की हैं. यह पहल राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने के साथ-साथ एक कुशल और भविष्य के लिए तैयार युवा कार्यबल तैयार करना है.

पंजाब के तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, खूनिमाजरा, खरड़ में सांसद मलविंदर सिंह कंग की उपस्थिति में इनोवेशन लैब का औपचारिक राज्यस्तरीय उद्घाटन किया.

अनुभव-आधारित सीखने के अवसर मिलेंगे

यह पहल पंजाब सरकार द्वारा विभा इंडिया और मेकर भवन फाउंडेशन के सहयोग से शुरू की गई है. इस साझेदारी के माध्यम से सरकारी सहयोग और तकनीकी विशेषज्ञता को एक साथ लाकर विद्यार्थियों को आधुनिक बुनियादी ढांचा, उन्नत उपकरण और अनुभव-आधारित सीखने के अवसर उपलब्ध करवाए जाएंगे.

मंत्री ने बताया कि 1.5 करोड़ रुपये की लागत से सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, खूनिमाजरा सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बठिंडा सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, फिरोजपुर सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बडबर तथा सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, तलवाड़ा में इनोवेशन लैब स्थापित की गई हैं.

नवाचार और सृजन को मिलेगा बढ़ावा

पारंपरिक कक्षा-आधारित शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्थापित की गई ये इनोवेशन लैब गतिशील और व्यावहारिक ‘मेकर स्पेस’ के रूप में कार्य करेंगी. इन लैब में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों और उपकरणों तक सीधी पहुंच प्राप्त होगी, जिससे वे प्रयोग कर सकेंगे, प्रोटोटाइप तैयार कर सकेंगे और अपने विचारों को व्यावहारिक समाधान में बदल सकेंगे. इसके साथ ही विद्यार्थी विभिन्न विषयों के बीच सहयोग के माध्यम से वास्तविक जीवन की चुनौतियों का समाधान तलाश सकेंगे.

इनोवेशन लैब देंगी सशक्त मंच

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पॉलिटेक्निक कॉलेजों के विद्यार्थी पंजाब के भविष्य के तकनीकी कार्यबल का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और पंजाब सरकार इन संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को प्रयोग, नवाचार और सृजन के लिए आवश्यक उपकरण, तकनीक और अवसर उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हमारी तकनीकी संस्थाएं केवल कक्षा-आधारित शिक्षा तक सीमित न रहें. विद्यार्थियों को प्रयोग करने, नवाचार करने और सृजन के पूरे अवसर मिलने चाहिए. ये इनोवेशन लैब युवाओं को अपने विचारों को व्यावहारिक समाधान में बदलने और उद्योग की तेजी से बदलती जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करेंगी.”

विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता होगी मजबूत

नवस्थापित लैब के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि ये लैब रचनात्मक सोच, समस्या समाधान, सहयोग और व्यावहारिक तकनीकी दक्षता सहित 21वीं सदी के आवश्यक कौशलों को बढ़ावा देंगी. इन लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रौद्योगिकी आधारित परियोजनाओं, प्रोटोटाइपिंग अभ्यासों और इनोवेशन चुनौतियों में भाग लेने के लिए व्यवस्थित अवसर भी उपलब्ध होंगे. उन्होंने कहा कि यह पहल तकनीकी शिक्षा, उभरती औद्योगिक आवश्यकताओं और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता के बीच तालमेल को और मजबूत करेगी. पंजाब सरकार, विभा इंडिया और मेकर भवन फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एक मजबूत और टिकाऊ ‘मेकर इकोसिस्टम’ भी विकसित किया जाएगा.

कुशल मानव संसाधन विकसित करने पर जोर

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इनोवेशन लैब की स्थापना पंजाब के सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों को तकनीकी नवाचार, उद्यमिता और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन विकसित करने वाले गतिशील केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.

उन्होंने कहा कि ये इनोवेशन लैब व्यावहारिक तकनीकी शिक्षा के पुराने और पारंपरिक मॉडलों को बदलने के साथ-साथ शिक्षा और रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.

शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की सराहना

तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब सरकार द्वारा की गई अन्य पहलों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि पंजाब के तकनीकी शिक्षा के इतिहास में पहली बार एयर होस्टेस कोर्स शुरू किए गए हैं, उन्होंने कहा कि भगवंत सिंह मान सरकार के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप सरकारी तकनीकी संस्थानों में विद्यार्थियों की संख्या दोगुनी हो गई है.

सांसद मलविंदर सिंह कंग ने पंजाब की शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए भगवंत सिंह मान सरकार के प्रयासों की सराहना की, उन्होंने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचे, कौशल विकास, नवाचार और प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा पर राज्य सरकार का विशेष ध्यान पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और उत्कृष्टता-आधारित शिक्षा प्रणाली में बदलने में सहायक सिद्ध हो रहा है.

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