Nepal Flood : नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी भोटे कोशी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. नेपाल पुलिस के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ के बाद अब तक 475 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 1,545 से अधिक लोग घायल हुए हैं. प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है. इस बीच चीन के सिचुआन प्रांत में आए भूकंप और तिब्बत सीमा पर कथित तौर पर दोबारा बांध टूटने की सूचना ने नेपाल की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.
भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ से नेपाल के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है. नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्रों में 667 पर्यटक और यात्री अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं. लापता लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है.
उफनती नदियों, मलबे और लगातार हो रहे भूस्खलनों के बीच नेपाल पुलिस और सेना की टीमें जोखिम उठाकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं.
जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे मजदूर
रसुवा जिले में बाढ़ के कारण एक बड़ी जलविद्युत परियोजना की सुरंग में कई श्रमिकों के फंसने की खबर है. नेपाली सेना ने शुक्रवार सुबह विशेष बचाव अभियान शुरू किया. तकनीकी उपकरणों और प्रशिक्षित जवानों से लैस विशेष टीम को सुरंग के भीतर भेजा गया.
अभियान के दौरान सेना ने अब तक दो श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. सुरंग के भीतर अभी कितने लोग फंसे हैं, इसकी जानकारी जुटाने के लिए बचाव दल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं.
चीन में भूकंप के बाद बढ़ी चिंता
नेपाल में राहत अभियान के बीच शुक्रवार को चीन के सिचुआन प्रांत के लोंगचांग शहर में 5.1 तीव्रता का भूकंप आया. इसके बाद नेपाल के त्रिशूली और भोटे कोशी नदी तंत्र में जलस्तर बढ़ने की खबर सामने आई है.
नेपाल पुलिस को यह भी सूचना मिली है कि तिब्बत की ओर बना एक जल बांध कथित तौर पर दोबारा टूट गया है. इससे बड़ी मात्रा में पानी, मलबा और पत्थरों के तेज बहाव की आशंका पैदा हो गई है.
नेपाल पुलिस के अधिकारी पी. चौधरी के मुताबिक, नए खतरे को देखते हुए सड़क निर्माण और राहत कार्यों में लगे वाहनों तथा बचाव दलों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर वापस बुला लिया गया है.
भारत ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
इस भीषण आपदा के बीच भारत सरकार और नेपाल प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में समन्वय कर रहे हैं. तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से सुरक्षित निकालकर काठमांडू पहुंचाया गया है.
नेपाल में भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने इन नागरिकों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना, उन्हें जल्द भारत वापस भेजने की व्यवस्था भी की जा रही है.
प्रधानमंत्री ने बुलाई आपात बैठक
वहीं, नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह ने सिंह दरबार में कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है. बैठक में रसुवा सहित अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की जा रही है. इसके अलावा पुनर्निर्माण, प्रभावित लोगों को सहायता और भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन रणनीति पर भी चर्चा की जा रही है.
नेपाल इस समय एक साथ बाढ़, भूस्खलन और संभावित नए जलप्रवाह के खतरे का सामना कर रहा है. ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों को तलाशना, फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाना है.
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