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घने कोहरे में पायलट को नहीं दिखा रनवे, मिलिट्री एयरपोर्ट पर विमान क्रैश, 8 लोगों की मौत

Alaska Plane Crash : अलास्का के एक सुदूर मिलिट्री एयरपोर्ट पर गुरुवार को लैंडिंग के दौरान छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 6 यात्री और दो क्रू मेंबर शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे के वक्त इलाके में घना कोहरा छाया हुआ था और पायलट को रनवे साफ नजर नहीं आ रहा था।

पहली लैंडिंग के बाद दूसरी कोशिश में हुआ क्रैश

हादसा अलास्का के एंकरेज से करीब 450 मील यानी 725 किलोमीटर पश्चिम में स्थित केप न्यूएनहैम लॉन्ग रेंज रडार साइट एयरपोर्ट पर हुआ। एयरपोर्ट के आसपास घना कोहरा होने के कारण विमान की पहली लैंडिंग सफल नहीं हो सकी। इसके बाद दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड के अनुसार, खराब दृश्यता के कारण पायलट को रनवे दिखाई नहीं दे रहा था और वह लैंडिंग के दौरान इंस्ट्रूमेंट्स पर निर्भर था।

आर्मी कोर ऑफ इंजीनियर्स के दो कर्मचारियों की भी मौत

हादसे में मारे गए दो पायलटों और छह यात्रियों की तत्काल पहचान नहीं हो सकी है। मृतकों में अमेरिकी आर्मी कोर ऑफ इंजीनियर्स के दो कर्मचारी भी शामिल थे। अलास्का के इस दूरदराज इलाके में स्थित रडार साइट को 1950 के दशक में सोवियत यूनियन के संभावित मिसाइल हमले की पूर्व चेतावनी देने वाले नेटवर्क के हिस्से के रूप में बनाया गया था। वर्तमान में इस साइट का इस्तेमाल रूस, नॉर्थ कोरिया और चीन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जाता है।

पहाड़ की ढलान पर बनी है एयरस्ट्रिप

यह एयरस्ट्रिप पहाड़ की ढलान पर बजरी से बनाई गई है, जिसके कारण यहां लैंडिंग के दौरान पायलटों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने भी पायलटों को इस एयरपोर्ट पर उतरते समय GPS और अन्य इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

मिलिट्री परिवार के लिए बड़ा नुकसान

अमेरिकी एयर फोर्स के लेफ्टिनेंट जनरल रॉबर्ट डेविस ने हादसे पर दुख जताया। डेविस अलास्का कमांड, अलास्का नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड रीजन और इलेवन्थ एयर फोर्स के कमांडर हैं। उन्होंने कहा कि विमान में सवार लोग मुश्किल परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण मिशन को पूरा करने वाले समर्पित पेशेवर थे। उन्होंने इस हादसे को मिलिट्री परिवार और उन समुदायों के लिए बड़ा नुकसान बताया, जिनकी सेवा की जाती है।

हादसे के वक्त तेजी से बदला मौसम

हादसे के समय इलाके में मौसम तेजी से बदल रहा था और घना कोहरा छाया हुआ था। नेशनल वेदर सर्विस के अलास्का सेक्टर ऑपरेशन सेंटर की इंचार्ज मौसम विज्ञानी कैरी हैसली के मुताबिक, क्रैश से कुछ मिनट पहले एयरपोर्ट के ऑटोमेटेड ऑब्जर्वेशन सिस्टम ने कम बादल, कोहरा और करीब 10 मील यानी 16 किलोमीटर की विजिबिलिटी दर्ज की थी। हालांकि, हादसे के करीब 15 मिनट बाद अगले अपडेट में विजिबिलिटी घटकर एक-चौथाई मील यानी 0.40 किलोमीटर से भी कम रह गई।

रिमोट रडार साइट के नेटवर्क का हिस्सा है एयरपोर्ट

यह एयरपोर्ट एक निजी मिलिट्री साइट है, जिसे पैसिफिक एयर फोर्स रीजनल सपोर्ट सेंटर मैनेज करता है। अलास्का कमांड के मुताबिक, यह रिमोट रडार साइट्स के उस नेटवर्क का हिस्सा है, जो अलास्का के एयरस्पेस और उसकी सीमाओं में उड़ान भरने वाले विमानों को ट्रैक करता है। गुरुवार को हुए इस चार्टर एयरक्राफ्ट हादसे में विमान में सवार सभी 8 लोगों की मौत हो गई।

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