Sugar Price Hike : महंगाई की मार अब मिठाइयों की मिठास पर भी असर डालने लगी है. चीनी की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी का सीधा असर बनारसी मिठाइयों पर देखने को मिल रहा है. जलेबी, लौंगलता, गुलाब जामुन, चमचम के साथ अलग-अलग तरह की बर्फी और लड्डू के दाम बढ़ गए हैं. बनारसी मिठाइयों की मांग शहर ही नहीं, बल्कि देश-दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी रहती है. कई लोग दूसरे शहरों से इन्हें घर बैठे ऑर्डर करते हैं.
मुंगेर के बाजार में पिछले एक सप्ताह के दौरान चीनी के खुदरा दाम में करीब 20 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है. दुकानदारों के अनुसार, पहले चीनी 45 से 50 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रही थी, लेकिन अब इसकी कीमत 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में यही कीमत 70 रुपये प्रति किलो तक होने की बात कही जा रही है.
एक किराना विक्रेता के मुताबिक, एक सप्ताह में चीनी के दाम में करीब 20 रुपये प्रति किलो का उछाल आया है. अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भी मामूली तेजी है, लेकिन चीनी के दाम सबसे ज्यादा बढ़े हैं.
माल ढुलाई और स्टॉक की कमी का असर
बाजार सूत्रों के अनुसार, पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत बढ़ने से माल ढुलाई और परिवहन खर्च बढ़ा है. इसके अलावा बाजार में चीनी के स्टॉक की कमी को भी कीमत बढ़ने की संभावित वजह माना जा रहा है.
राखी और अन्य पर्वों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने की संभावना है. ऐसे में चीनी महंगी होने से मिठाई, चाय और दूसरे खाद्य उत्पादों की लागत पर भी असर पड़ सकता है.
रसोई के बजट पर बढ़ा दबाव
चीनी के साथ खाद्य तेल, दाल और चाय पत्ती जैसी रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने से गृहिणियां भी चिंतित हैं. नेहा देवी, कंचन देवी, गुड़िया शर्मा और निभा कुमारी ने बताया कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण सीमित आय में घर चलाना मुश्किल हो रहा है.
गृहिणियों ने सरकार से चीनी की बढ़ती कीमतों पर जल्द नियंत्रण करने की मांग की है.
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