Kitchen Garden Tips : चेरी टोमैटो अपने छोटे आकार, मीठे स्वाद और आकर्षक रूप के कारण काफी पसंद किए जाते हैं। सलाद, स्नैक्स और कई तरह के व्यंजनों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। खास बात यह है कि इसे उगाने के लिए बड़े खेत या ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती। घर की बालकनी, छत या छोटे किचन गार्डन में भी इसे आसानी से लगाया जा सकता है।
अगर आप घर पर चेरी टोमैटो उगाना चाहते हैं तो इसके लिए गमला, ग्रो बैग या छोटी क्यारी का इस्तेमाल कर सकते हैं। एक पौधे के लिए कम से कम 12 इंच का गमला या बैग होना चाहिए, ताकि पौधे की जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। जल्दी फल पाने के लिए नर्सरी से 3 से 4 सप्ताह पुराने तैयार पौधे लगाना आसान विकल्प माना जाता है।
अगर आप बीज से पौधा तैयार करना चाहते हैं, तो पहले छोटे गमले में बीज लगाएं। जब पौधा थोड़ा मजबूत और बड़ा हो जाए, तब उसे बड़े गमले या ग्रो बैग में ट्रांसफर कर दें।
चेरी टोमैटो लगाने के लिए कैसी होनी चाहिए मिट्टी?
पौधे के अच्छे विकास के लिए मिट्टी का सही मिश्रण जरूरी है। इसके लिए सामान्य मिट्टी में गोबर की खाद और थोड़ी रेत मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान रखें कि गमले में पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए गमले के नीचे छेद जरूर रखें, क्योंकि ज्यादा पानी जमा होने से पौधे की जड़ें खराब हो सकती हैं। मिट्टी को बहुत ज्यादा दबाकर न भरें। इसे हल्का ढीला रखें, जिससे जड़ों को हवा मिलती रहे और पौधा तेजी से बढ़ सके।
चेरी टोमैटो के पौधे की देखभाल कैसे करें?
चेरी टोमैटो के पौधे को अच्छी ग्रोथ और ज्यादा फल के लिए रोजाना कम से कम 6 घंटे धूप की जरूरत होती है। मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें।
गर्म मौसम में पौधे को रोज पानी दिया जा सकता है, जबकि सर्दियों में 2 से 3 दिन के अंतराल पर पानी देना पर्याप्त होता है। पानी डालते समय ध्यान रखें कि इसे सीधे पत्तियों पर न डालें, बल्कि मिट्टी में डालें। इससे पौधे में फंगल रोग का खतरा कम होता है।
खाद और छंटाई से बढ़ेगी पैदावार
चेरी टोमैटो के पौधे में हर 15 से 20 दिन के अंतराल पर जैविक खाद जैसे वर्मीकम्पोस्ट डालते रहें। जब पौधे में फूल आने शुरू हों, तब पोटाश वाली खाद का इस्तेमाल बढ़ाया जा सकता है, जिससे फल ज्यादा और बेहतर गुणवत्ता वाले आते हैं।
पौधे की सूखी पत्तियों और अनावश्यक टहनियों को समय-समय पर हटाते रहें। इससे पौधे को पोषण बेहतर तरीके से मिलता है और हवा का प्रवाह भी बना रहता है, जिससे बीमारियों का खतरा कम होता है।
कीड़े और बीमारियों से बचाव के उपाय
अगर पौधे की पत्तियों पर छोटे कीड़े दिखाई दें तो नीम के तेल का स्प्रे किया जा सकता है। यह कीट नियंत्रण का प्राकृतिक तरीका है। पौधे को ऐसी जगह रखें जहां हवा का आवागमन अच्छा हो, क्योंकि ज्यादा नमी से फंगल बीमारी होने की संभावना बढ़ सकती है।
अगर पौधे की पत्तियां पीली होने लगें तो यह ज्यादा पानी या पोषण की कमी का संकेत हो सकता है। ऐसे में पानी और खाद की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। इन आसान तरीकों को अपनाकर आप घर की छोटी सी जगह में भी ताजे और स्वादिष्ट चेरी टोमैटो उगा सकते हैं।
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