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मुश्किल में इमरान खान की बहन, विवादित टिप्पणी के बाद भेजा गया समन

Imran Khan Sister Summon : पाकिस्तान की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नूरीन नियाजी को कथित तौर पर एंटी-साइबर क्राइम एजेंसी की ओर से समन भेजा गया है। आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसा कंटेंट साझा किया, जिसे सरकारी संस्थानों के खिलाफ अपमानजनक और उकसाने वाला माना गया।

यह कार्रवाई उस इंटरव्यू के वायरल होने के बाद सामने आई, जिसमें नूरीन नियाजी ने दावा किया था कि मई 2025 में हुआ सैन्य टकराव कथित रूप से सेना की छवि सुधारने के लिए रचा गया था। उन्होंने इसे एक सुनियोजित साजिश का परिणाम बताया। इसके बाद नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) ने उन्हें इस्लामाबाद स्थित कार्यालय में पेश होकर अपना बयान दर्ज कराने के लिए कहा है।

यह घटनाक्रम पाकिस्तान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, राजनीतिक टकराव और सेना की भूमिका को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है।

नूरीन नियाजी के दावों पर विवाद

नियाजी ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि चार दिनों तक चले सैन्य टकराव के दौरान पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई को जानबूझकर कमतर दिखाने की कोशिश की गई। उन्होंने यह दावा भी किया कि भारत ने टकराव को आगे नहीं बढ़ाया क्योंकि उस समय पाकिस्तान कथित रूप से इजरायल को मान्यता देने की दिशा में कदम बढ़ा रहा था। हालांकि, इन दावों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक प्रमाण पेश नहीं किया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि इस घटनाक्रम का उद्देश्य इस्लामाबाद के लिए ‘अब्राहम अकॉर्ड्स’ में शामिल होने का रास्ता आसान बनाना था। पाकिस्तान उन देशों में शामिल है जो इजरायल को मान्यता नहीं देते और उसके साथ उनके राजनयिक संबंध नहीं हैं।

अजमा बुखारी ने की आलोचना

नूरीन नियाजी की टिप्पणियों पर पंजाब की सूचना एवं संस्कृति मंत्री अजमा बुखारी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नूरीन नियाजी का बयान उनके भाई इमरान खान की राजनीतिक सोच को दर्शाता है।

बुखारी ने आरोप लगाया कि इमरान खान का परिवार पाकिस्तान की उपलब्धियों को स्वीकार करने में असहज रहा है और राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर इस तरह की टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

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