
Ram Rahim : हरियाणा के सिरसा में साल 2002 में हुई पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में गुरमीत राम रहीम को पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मामले में कोर्ट ने सीबीआई अदालत के फैसले को संशोधित करते हुए शनिवार सुबह डेरा मुखी को बरी कर दिया है। हालांकि इस मामले में दोषी ठहराए गए अन्य तीन आरोपियों पर सजा कायम रखा है।
राम रहीम पर आरोप नहीं हुआ साबित
दरअसल, छत्रपति हत्याकांड मामले की जांच बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी। सीबीआई की जांच में राम रहीम सहित अन्य तीन आरोपियों को दोषी पाया गया था, जिसके कारण सीबीआई ने उन्हें उम्र कैद की सजा दी थी। आरोपियों ने सीबीआई अदालत के फैसले को चुनौती देने के लिए हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। जिस पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और दलीलों पर विस्तृत विचार करते हुए डेरा मुखी के खिलाफ आरोपों को पर्याप्त रूप से साबित न होने के आधार पर उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया। वहीं कुलदीप, निर्मल और किशन लाल की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है।
क्यों हुई थी छत्रपति की हत्या?
बता दें कि मामला पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या से जुड़ा हुआ है। दरअसल, छत्रपति ने अपने अखबार में डेरा से जुड़े कुछ गंभीर आरोप लगाते हुए खबर प्रकाशित किया था। इसी दौरान उनकी वर्ष 2002 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हडकंप मच गई थी और मामले की जांच सीबीआई के हवाले सौंप दी गई थी। जिसमें सीबीआई ने डेरा मुखी सहित अन्य तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
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