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हरियाणा में खरीफ 2025-26: धान खरीद, जांच, तकनीकी सुधार और किसानों के लिए लाभ

Haryana News : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि धान की खरीद सरकारी एजेंसियों के माध्यम से भारत सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाती है, उन्होंने बताया कि मंडी में धान की आवक से लेकर राइस मिलर्स से चावल की वापसी तक हर कदम पर सरकार ने चेक-पॉइंट स्थापित किया है.

सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि कोई भी किसान अपने खेतों में धान लगाता है तो उसका पंजीकरण ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर कराया जाता है. इस पोर्टल के माध्यम से यह पता चलता है कि कितने क्षेत्र में धान बोया गया है.

गैर बासमती धान 30 लाख एकड़ सत्यापित

खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान राज्य की खरीद संस्थाओं ने 3,01,000 किसानों से 62,13,000 मीट्रिक टन नॉन बासमती धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा. ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल के अनुसार, गैर बासमती धान के लिए कुल 30,17,968 एकड़ क्षेत्र का सत्यापन किया गया.

खरीफ 2025-26 में धान उत्पादन और जांच

राज्य में इस खरीफ सीजन में धान का अनुमानित उत्पादन 97,86,000 मीट्रिक टन आंका गया है. सरकार ने खरीद व्यवस्था को सुदृढ़ किया, लेकिन इसके बावजूद कुछ खामियां भी सामने आई हैं. सभी जिलों में सरकार द्वारा गठित संयुक्त समितियों ने भंडारित धान की फिजिकल जांच कराई. इस कार्रवाई के तहत कुल 12 FIR दर्ज की गई और 75 अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है.

राइस मिलों से 6.27 करोड़ रुपये रिकवर

भंडारित धान की जांच के दौरान 28 अधिकारियों/कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया. साथ ही राइस मिलों से 6 करोड़ 27 लाख रुपये की राशि रिकवर कर सरकारी खजाने में जमा कराई गई. जिला अंबाला, फतेहाबाद, कैथल, करनाल और सिरसा में मंडी में धान की आवक और खरीद के आंकड़ों में कोई अंतर नहीं पाया गया. सरकार ने बताया कि 30-50 प्रतिशत अंतर होने के विपक्ष के आरोप निराधार हैं.

बाजरा योजना और धान लक्ष्य पूरा

बाजरा किसानों के हित में सरकार ने भवन पर भरपाई योजना के तहत 575 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लाभ देने का फैसला किया. साथ ही, भारत सरकार द्वारा 10% टूटे चावल की अनुमति के साथ राज्य को आठ लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया, जिसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया.

धान खरीद में तकनीकी सुधार

भविष्य में धान खरीद में सुधार के लिए जिओ टैगिंग आधारित गेट पास, वाहनों का ऑटोमैटिक नंबर प्लेट कैप्चर, गोदाम और राइस मिल में जिओ फेसिंग, तथा एंट्री-एग्जिट गेट पर CCTV कैमरे लगाने का कार्य जारी है. साथ ही, 11 दिसंबर 2025 को सरकार ने प्रति एकड़ उपज सीमा में भी संशोधन किया.

मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल से IFMS पोर्टल जुड़ा

मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल को खाद की बिक्री के लिए IFMS पोर्टल के साथ जोड़ा गया. इस कदम से पिछले पाँच महीनों से भी कम समय में 700 करोड़ रुपये खाद सब्सिडी के रूप में बचाए गए. पिछले 12 सीजन में किसानों के खातों में 1,64,000 करोड़ रुपये सीधे पहुँचाए गए.

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