Middle East War : मिडिल-ईस्ट में चल रहा युद्ध अब सातवें दिन में पहुंच गया है। मिसाइल और ड्रोन हमलों की वजह से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ता जा रहा है। इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने एक अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के ‘शाहेद’ ड्रोन से बचाव के लिए अब अमेरिका और खाड़ी के कई देश यूक्रेन के अनुभव और तकनीक की मदद लेना चाहते हैं।
यूक्रेन ने विकसित की बेहतरीन तकनीक
बताया जा रहा है कि रूस लंबे समय से यूक्रेन पर ईरान के ‘शाहेद’ ड्रोन से हमले कर रहा है। लगातार ऐसे हमलों का सामना करते हुए यूक्रेन ने एक सस्ती तकनीक विकसित की है। यूक्रेन ने लगभग 1000 डॉलर की लागत से इंटरसेप्टर ड्रोन बनाए हैं, जो दुश्मन के ड्रोन को ढूंढकर हवा में ही नष्ट कर सकते हैं।
ड्रोन हमले से निपटने का फार्मूला
हाल ही में रूस ने एक ही रात में सैकड़ों ड्रोन से यूक्रेन पर हमला किया था। ऐसे हमलों से निपटने के यूक्रेन के अनुभव को अब अमेरिका और मध्य-पूर्व के कई देश जैसे कतर, जॉर्डन, यूएई और कुवैत अपने लिए उपयोगी मान रहे हैं।
इन शर्तों पर होगी मदद
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन मदद देने के लिए तैयार है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। उन्होंने साफ कहा कि यूक्रेन की अपनी सुरक्षा और रूस के खिलाफ चल रही कूटनीतिक कोशिशों पर इसका असर नहीं पड़ना चाहिए। साथ ही यूक्रेन उन्हीं देशों की मदद करेगा जो यूक्रेन की सुरक्षा में भी सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर खाड़ी देशों के नेताओं से बातचीत हो चुकी है और अमेरिका के अनुरोध पर यूक्रेन के विशेषज्ञ भेजने की तैयारी की जा रही है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर पड़ रहा असर
मध्य-पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव का असर रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी पड़ रहा है। अमेरिका की मध्यस्थता में रूस के साथ होने वाली बातचीत का अगला दौर फिलहाल टाल दिया गया है। अब दुनिया का ध्यान यूरोप से हटकर पश्चिम एशिया की स्थिति पर ज्यादा केंद्रित हो गया है।
ये भी पढ़ें- Chardham Yatra 2026 : आज से चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, जानिए क्या है पूरा प्रोसेस
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









