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राममंदिर के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, ऑपरेशन सिंदूर में निभाई है अहम भूमिका

Ram Mandir CEO : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर प्रशासन को मजबूत करने के लिए पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला CEO नियुक्त किया है। ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व कर चुके मिश्रा अब मंदिर की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगे। ट्रस्ट में तीन नए सदस्य भी शामिल किए गए हैं, जिनमें पहली महिला ट्रस्टी भी शामिल हैं।

Ram Mandir CEO : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। मिश्रा भारतीय वायुसेना में करीब 39 साल सेवाएं दे चुके हैं।

पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व किया था। इस अभियान में उनकी भूमिका को देखते हुए उन्हें ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया था। अब वह राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, संचालन और प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगे।

क्या होगी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की जिम्मेदारी

राम मंदिर के CEO की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मंदिर का प्रशासनिक, वित्तीय और कानूनी प्रबंधन का जिम्मा संभालना समेत कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बता दें सीईओ पद के लिए ट्रस्ट द्वारा तीन सदस्यों की कमेटी बनाई गई थी। कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल थे।

ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की नियुक्ति

राम मंदिर ट्रस्ट ने तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया है। इनमें दिल्ली के कारोबारी महेश भागचंदका, अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं।

निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी बनी हैं। मदन मोहन पांडेय राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में रामलला पक्ष की कानूनी टीम का हिस्सा रहे हैं और उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में मामले से जुड़े पक्ष की पैरवी में भूमिका निभाई थी। महेश भागचंदका विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल से जुड़े परिवार से आते हैं। वह राम मंदिर के भूमि पूजन और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रमों में यजमान के रूप में शामिल रहे हैं।

चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर बढ़ाए गए इंतजाम

राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर कई बदलाव किए गए हैं। अब एक समय में सिर्फ एक हुंडी खोली जाती है और पूरी प्रक्रिया की 360 डिग्री कैमरों व DSLR से रिकॉर्डिंग की जाती है।

दान की गणना करने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली विशेष वर्दी अनिवार्य की गई है। उन्हें मोबाइल, बैग और अन्य सामान अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। कर्मचारियों की कई स्तरों पर जांच की जाती है और सुरक्षा व्यवस्था को भी बढ़ाया गया है।

मंदिर प्रशासन में तकनीक का इस्तेमाल

मंदिर प्रशासन भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए AI आधारित कैमरे और सेंसर तकनीक लगाने पर भी विचार कर रहा है। नए बदलावों का उद्देश्य मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता, सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।

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