Lucknow University : लखनऊ विश्वविद्यालय में मंगलवार को एबीवीपी (ABVP) और राष्ट्रीय शिक्षार्थी दल से जुड़े छात्रों ने परिसर में नमाज के विरोध में हनुमान चालीसा पाठ और गंगाजल से परिसर का शुद्धिकरण का प्रयास किया, जिससे परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है।
लाल बारादरी मामले से विवाद की शुरूआत
विश्वविद्यालय प्रवक्ता प्रो. मुकुल श्रीवास्तव के अनुसार, परिसर में स्थित लाल बारादरी के जर्जर अवस्था में होने के कारण प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। लेकिन एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा और आईसा के छात्र सोमवार को लाल बारादरी खुलवाने की मांग पर एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए मार्च निकाला। तथा शाम को नमाज अदा करके इफ्तार किया।
अवैध मजारों की जांच कर ध्वस्त करने की मांग
इसके विरोध में एबीवीपी ने मंगलवार को प्रदर्शन किया तथा हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया। एबीवीपी के समर्थन में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस फोर्स ने रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने परिसर में बने अवैध मजारों की जांच करके ध्वस्त करने की मांग की। मामले को देखते हुए परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
छात्रों का किया गया चालान
सोमवार रात सड़क पर नमाज पढ़ने और परिसर में शांति भंग के आरोप में पुलिस ने 13 छात्रों का चालान किया है। तथा 24 फरवरी को पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के सामने उपस्थित होने का निर्देश दिया है। मामले में मुख्य कुलानुशासक प्रो. राकेश द्विवेदी के नेतृत्व में प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने छात्रों से बातचीत करके मामले को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन छात्र संगठन अपनी मांग पर अड़े रहे।
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