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बीज प्रमाणीकरण के लिए डिजीटाईज़ेशन की तरफ बड़ा कदम, खुडियां ने अधिकारियों को सौंपे 40 टेबलेट्स

Punjab News : बीज प्रमाणीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता यकीनी बनाने और काम में ओर तेज़ी लाने की तरफ एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने अपने फील्ड स्टाफ को टेबलेट्स के साथ लैस किया है जिससे साथी पोर्टल का सारा काम आनलाइन यकीनी बनाया जा सके।

विभाग में मुकम्मल डिजीटलाईज़ेशन को असली रूप देते हुए कृषि और किसान भलाई मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां ने आज बीज प्रमाणीकरण अधिकारियों और सहायकों को 40 टेबलेट्स सौंपे।

फील्ड अधिकारियों को टेबलेट्स से मिलेगी सुविधा

कृषि मंत्री ने ज़ोर दे कर कहा कि फील्ड अधिकारियों को टेबलेट्स के साथ लैस करने के साथ न सिर्फ़ कागज़ी कार्यवाही ख़त्म होगी, बल्कि इसके साथ जवाबदेही बढ़ेगी और निरीक्षण दौरान खेतों से सीधे तौर पर कम्प्यूटराईज़ड डेटा तुरंत जुटाने में आसानी होगी।

पारदर्शिता के लिए GPS और डिजिटल रिपोर्टिंग

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता को यकीनी बनाने के लिए खेत की सही भौगोलिक स्थिति को जी.पी.एस के द्वारा रिकार्ड किया जा सकेगा, जबकि तुरंत फोटो अपलोड करने के साथ अधिकारित रिपोर्ट में फसलों की असली स्थिति दर्ज की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि डिजीटलाईज़ेशन के साथ जहां हाथ से काम करने दौरान लिखित गलतियों से निजात मिलेगी, वहीं तुरंत डिजिटल रिपोर्टें तैयार करने में आसानी मिलेगी, जिनको आगे किसानों या उच्च आधिकारियों के साथ सांझा किया जा सकेगा।

किसानों के डिजिटल दस्तखत और फील्ड मैपिंग

गुरमीत सिंह ने कहा कि प्रक्रिया को ओर सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए किसानों के डिजिटल दस्तख़त सीधे टेबलेट की स्क्रीन पर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जी.पी.एस. के प्रयोग के द्वारा फील्ड मैपिंग की जाएगी जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि निरीक्षण, सही बीज खेत के साथ सम्बन्धित है और टैब पर उपलब्ध फार्म के अनुसार है। इसके इलावा फ़सल की किस्म, आइसोलेशन दूरी, रोग और आफ- टाईप पौधों की संख्या सहित विवरन डिजिटल तौर पर रिकार्ड किए जाएंगे।

कृषि मंत्री ने ज़ोर देते कहा कि यह डिजीटाईज़ेशन पहलकदमी न सिर्फ़ बीज प्रमाणीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाएगी बल्कि किसानों को समय – पर गुणवत्ता- भरपूर प्रमाणित बीज उपलब्ध करवाना यकीनी बनएगी।

इस मौके कृषि और किसान भलाई विभाग के सचिव अरशदीप सिंह थिंद डायरैक्टर गुरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर- पी.एस.एस.सी.ए. नरिंदर बैनीपाल और विभाग के अन्य सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे।

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