Bank Strike : बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। रविवार की छुट्टी होने के बावजूद सरकारी बैंक खुले रहे, जिससे लोग अपने लंबित बैंकिंग काम पूरे कर सकें। इसके बाद सोमवार से बुधवार तक बैंक बंद रहने की स्थिति बन सकती है।
10 साल बाद रविवार को खुले बैंक
आम ग्राहकों के लिए रविवार को बैंक खुलने का मौका करीब 10 साल बाद आया है। इससे पहले साल 2016 में नोटबंदी के दौरान रविवार के दिन बैंक खोले गए थे। उस समय 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बदलने, जमा करने और नकद निकासी के लिए बड़ी संख्या में लोग बैंक पहुंचे थे। भीड़ को संभालने के लिए सरकार ने रविवार को बैंकिंग सेवाएं जारी रखने का फैसला लिया था।
बैंक यूनियनों की तीन दिन की हड़ताल
बैंक कर्मचारियों की कई यूनियनें हफ्ते में पांच दिन काम करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। यूनियनों की ओर से प्रस्तावित हड़ताल में देश की प्रमुख बैंक यूनियनें शामिल हैं। इसमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC जैसी यूनियनें शामिल हैं। इन संगठनों से बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी जुड़े हुए हैं।
5-डे वर्किंग की मांग पर विवाद
बैंक यूनियनों का कहना है कि जब तक सरकार हफ्ते में पांच दिन काम लागू करने की निश्चित तारीख घोषित नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकारी पक्ष का कहना है कि पांच दिन काम करने की व्यवस्था को लेकर कोई आधिकारिक वादा नहीं किया गया था और वेतन संशोधन वार्ता में भी इस मुद्दे पर सहमति नहीं बनी थी।
ATM से कैश निकालने पर राहत
हड़ताल के दौरान SBI, PNB समेत सरकारी बैंकों के ATM से कैश निकालने पर अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा, भले ही ग्राहक की फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट खत्म हो गई हो। RBI के नियमों के अनुसार ग्राहक अपने बैंक के ATM से हर महीने पांच बार मुफ्त निकासी कर सकते हैं। वहीं दूसरे बैंक के ATM से मेट्रो शहरों में तीन और छोटे शहरों में पांच मुफ्त ट्रांजेक्शन की सुविधा मिलती है। सीमा पार होने के बाद ATM निकासी पर ₹23 प्लस GST शुल्क लिया जाता है।
बोनस नियमों को लेकर भी मतभेद
हफ्ते में पांच दिन काम के अलावा बैंक अधिकारियों के लिए लागू बोनस यानी PLI नियमों को लेकर भी विवाद जारी है। नए नियमों के तहत कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को बेहतर प्रदर्शन के आधार पर इंसेंटिव मिलने का प्रावधान है। बैंक यूनियनें इस बदलाव का भी विरोध कर रही हैं।
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