
Amritsar News: पंजाब में त्योहारों से पहले सुरक्षा व्यवस्था के बीच अमृतसर पुलिस ने हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच के अनुसार, यह नेटवर्क सीमा पार से संचालित तस्करी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है और इसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने का संदेह है।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से विदेशी हथियार, कारतूस, हेरोइन, अफीम और नशे की बिक्री से जुड़ी नकदी बरामद की गई है। इस कार्रवाई में एक आधुनिक ड्रोन भी जब्त किया गया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर सीमा पार से प्रतिबंधित सामान भारत पहुंचाने के लिए किया जाता था।
छह विदेशी पिस्तौल और लाखों की ड्रग मनी बरामद
अमृतसर पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से छह विदेशी पिस्तौल, छह मैगजीन और 12 कारतूस मिले हैं। इसके अलावा 4.409 किलोग्राम हेरोइन, आधा किलोग्राम अफीम और 12 लाख 90 हजार रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की गई है।
पुलिस अब बरामद हथियारों और नशीले पदार्थों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह के सदस्य इन प्रतिबंधित सामानों को कहां पहुंचाते थे और तस्करी के इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सीमा पार से खेप पहुंचाने में ड्रोन के इस्तेमाल का शक
कार्रवाई के दौरान बरामद ड्रोन को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इसका इस्तेमाल पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप गिराने के लिए किए जाने की आशंका है।
पुलिस ड्रोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है। इसके तकनीकी पहलुओं और मूवमेंट से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही इसके इस्तेमाल के संबंध में अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ड्रोन का संचालन कौन करता था और तस्करी की गतिविधियों में इसकी क्या भूमिका थी।
ISI से कथित संपर्क की भी जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का संपर्क सीमा पार सक्रिय तस्करों और ISI से जुड़े एजेंटों से होने की आशंका है। जांच में इस बात का पता लगाया जा रहा है कि गिरोह हथियारों और नशीले पदार्थों की आपूर्ति किस तरह करता था और क्या इसके पीछे पंजाब में अशांति फैलाने की कोई साजिश थी।
हालांकि, मामले से जुड़े इन पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस कमिश्नर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आ सकती हैं और जानकारियां
इस मामले को लेकर अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमानबीर सिंह गिल जल्द ही विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं। इसमें गिरोह की गतिविधियों, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका और संभावित अन्य सहयोगियों से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का फोकस तस्करी नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाने, हथियारों और नशीले पदार्थों की आपूर्ति के स्रोतों की पहचान करने तथा अन्य संदिग्धों तक पहुंचने पर है।
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