France Protest : फ्रांस में बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों पर बढ़ते खर्च के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोगों के प्रदर्शन के दौरान कई शहरों में तनाव की स्थिति बन गई. पेरिस समेत अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं. कुछ जगहों पर गाड़ियों में आग लगाने, दुकानों में लूटपाट और सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाने की खबरें सामने आईं. हालात संभालने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया. उपलब्ध विवरण के मुताबिक, इस दौरान करीब 400 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, प्रदर्शनों में करीब 5.5 लाख लोग शामिल हुए, जबकि CGT ट्रेड यूनियन ने यह संख्या लगभग 8 लाख बताई. पेरिस में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर सामान फेंका और पटाखे चलाए. कई गाड़ियों और दुकानों को नुकसान पहुंचने की खबर है. ल्योन में पर्यटन कार्यालय में आग लगा दी गई, जबकि मार्सिले, लिले, बोर्डो और लिमोज में भी सार्वजनिक इमारतों पर हमले और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं.
महंगाई और ईंधन की कीमतों पर भड़के लोग
प्रदर्शनों के पीछे महंगाई, ईंधन की ऊंची कीमतें, सार्वजनिक सेवाओं में गिरावट और आर्थिक असमानता को लेकर नाराजगी बताई गई है. वर्ष 2018 में शुरू हुए येलो वेस्ट्स आंदोलन की तर्ज पर भी लोगों ने विरोध जताया. छात्रों ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को भी उठाया.
.
वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि सरकारी कार्यालयों और दुकानों में तोड़फोड़ करने तथा लूटपाट में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने भी हिंसा की निंदा की. सरकार के सामने अब महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान निकालने की चुनौती है. हालांकि, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों के बीच अंतर करना जरूरी है.
ये भी पढ़ें- Honey Singh ने महाराष्ट्र साइबर पुलिस से मांगी माफी, कॉन्सर्ट में टिप्पणी पर छिड़ा था विवाद
Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप









