Delhi NCRराष्ट्रीय

छात्रों को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने 129 FIR की रद्द, CJP दिल्ली में नहीं करेगी मार्च, सरकार ने पूरा किया वादा

छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दिल्ली समेत पांच राज्यों में दर्ज 129 एफआईआर रद्द कर दी हैं। कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत विशेष अधिकार का इस्तेमाल किया। सरकार ने आंदोलन खत्म होने के दौरान छात्रों से केस वापस लेने का वादा किया था। हालांकि गंभीर मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी।

Student Protest Jantar Mantar : छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दिल्ली समेत चार राज्यों में दर्ज 129 एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। केंद्र सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल करते हुए यह फैसला दिया।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अब ये एफआईआर इतिहास का हिस्सा हैं और इनके आधार पर आगे कोई कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।

सरकार ने पूरा किया केस वापस लेने का वादा

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि आंदोलन समाप्त होने के समय छात्रों से मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया गया था। सरकार ने इसी वादे को पूरा करने के लिए एफआईआर रद्द करने की मांग की थी।

केंद्र के बाद बिहार, महाराष्ट्र, असम और पश्चिम बंगाल सरकारों ने भी अपने-अपने राज्यों में दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए आवेदन दिया। इन सभी राज्यों में कुल 129 एफआईआर दर्ज थीं।

दूसरे राज्यों के मामलों पर भी कोर्ट की नजर

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि अगर छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मामले किसी अन्य राज्य में भी दर्ज हैं, तो उन पर भी संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मामलों को आगे बढ़ाने से बचना चाहिए।

गंभीर मामलों में कार्रवाई रहेगी जारी

सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया कि हिंसा, शारीरिक नुकसान और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े मामलों के लिए अलग एफआईआर दर्ज की गई है।

सरकार ने करीब 2873 लोगों के खिलाफ दर्ज नई एफआईआर का भी जिक्र किया। कुछ वकीलों ने मांग की कि इन सभी लोगों की पूरी जानकारी अदालत के सामने रखी जाए।

मृत छात्रों के परिवारों को मुआवजे पर चर्चा

सुनवाई में आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने के आश्वासन का भी मुद्दा उठा। सरकार की ओर से कहा गया कि वह अपने वादे पर कायम है, लेकिन प्रक्रिया और नियम तय करने के लिए कुछ समय की जरूरत है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अगर दोनों पक्ष सहमति से आगे बढ़ें तो किसी भी मामले का समाधान निकाला जा सकता है।

ये भी पढ़ें- SCO समिट में पाकिस्तान की शर्मनाक हरकत, ग्रुप फोटो से PM मोदी की तस्वीर हटाई, ईरानी राष्ट्रपति को भी किया गायब

Hindi Khabar App: देश, राजनीति, टेक, बॉलीवुड, राष्ट्र,  बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल, ऑटो से जुड़ी ख़बरों को मोबाइल पर पढ़ने के लिए हमारे ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कीजिए. हिन्दी ख़बर ऐप

Related Articles

Back to top button