
Kaushambi Factory Blast : प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर मनौरी के पास आबादी के बीच संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को हुए भीषण विस्फोट ने इलाके में तबाही मचा दी। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 10 बच्चे, चार पुरुष और एक महिला शामिल हैं। मृतकों में चार लोग एक ही परिवार के बताए गए हैं, जबकि दो परिवारों के तीन-तीन सदस्यों की जान गई है। तीन गंभीर घायलों का स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में वेंटिलेटर पर इलाज चल रहा है।
लापरवाही पर 9 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
हादसे के बाद पुलिस विभाग ने लापरवाही के आरोप में नौ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। कार्रवाई में एक इंस्पेक्टर, छह दारोगा और दो सिपाही शामिल हैं। आईजी अजय कुमार मिश्रा के निर्देश पर पिपरी थाना और चौकी में पिछले दो वर्षों के दौरान तैनात रहे पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।
मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी टीमें
विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री का पूरा मकान कुछ ही देर में ढह गया और आसपास के कई मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। करीब 500 मीटर के दायरे में सरिया और मकानों का मलबा फैल गया। पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। एयरफोर्स के करीब 50 जवान भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाए गए।
मानव अंग के अवशेष से हुई सुनील मौर्य की पहचान
हादसे में पास के बूंदी कारखाने में काम कर रहे मजदूर भी इसकी चपेट में आए। सुनील मौर्य का कटा हुआ हाथ प्रयागराज और पैर कौशांबी के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा था। उनकी बहन उमा देवी ने पैर देखकर अपने भाई की पहचान की। वहीं हाथ पर पत्नी का नाम लिखा होने के आधार पर भी पहचान की गई। पुलिस अब डीएनए जांच के जरिए इसकी आधिकारिक पुष्टि करेगी।
दो साल पहले निलंबित हो चुका था फैक्ट्री का लाइसेंस
बताया गया है कि आबादी के बीच संचालित होने के कारण नौशाद की पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस करीब दो साल पहले निलंबित कर दिया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि नौशाद का बेटा आदिल बिना लाइसेंस के पटाखा बनाने का काम जारी रखे हुए था। फैक्ट्री के आसपास कई मकान और एक बूंदी बनाने का कारखाना भी मौजूद था।
बारूद और ज्वलनशील पदार्थ मिलाते समय हुआ धमाका
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे पटाखे तैयार करने के लिए बारूद समेत अन्य ज्वलनशील पदार्थों को मिलाने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ और कुछ ही समय में पूरा मकान मलबे में बदल गया। विस्फोट के बाद आग और धुएं का गुबार फैल गया तथा आसपास के घर भी इसकी चपेट में आ गए।
धमाके की गूंज ढाई किलोमीटर तक सुनाई दी
फैक्ट्री एयरफोर्स स्टेशन मनौरी से करीब दो किलोमीटर दूर बताई गई है। विस्फोट की आवाज लगभग ढाई किलोमीटर तक सुनाई दी। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि हाईटेंशन लाइन का पिलर भी क्षतिग्रस्त हो गया। रेस्क्यू के दौरान पटाखे फटने से बचाव कार्य में भी मुश्किलें सामने आईं।
छह लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
गया प्रसाद की तहरीर पर पिपरी थाने में नौशाद, उसकी पत्नी कहकसा बानो, भाई शकील, उसकी पत्नी शबाना, बेटे आदिल और बेटी साइना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने अवैध फैक्ट्री के संचालन से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि फैक्ट्री मालिक के फरार होने की बात सामने आई है।
मुख्यमंत्री ने मृतकों और घायलों के लिए सहायता की घोषणा की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस घटना ने आबादी के बीच अवैध रूप से संचालित विस्फोटक सामग्री से जुड़ी इकाइयों की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वर्ष 2024 में फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद गतिविधियां जारी रहने से संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली भी जांच के घेरे में है। पुलिस और प्रशासन अब हादसे के कारणों के साथ-साथ लापरवाही के जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।
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