Mobile Ban In Temple : मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार से नया नियम लागू हो गया है। राज्य के हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग (HR&CE) ने मंदिरों के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला मद्रास हाई कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लागू किया गया है।
तमिलनाडु में मंदिर प्रशासन का कहना है कि मोबाइल फोन के जरिए फोटो खींचने, वीडियो बनाने, सेल्फी लेने और सोशल मीडिया रील्स शूट करने जैसी गतिविधियों से मंदिरों का शांत और आध्यात्मिक वातावरण प्रभावित हो रहा था।
प्रवेश द्वार पर जमा करना होगा मोबाइल
अब श्रद्धालु मंदिर परिसर में मोबाइल फोन लेकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इसके लिए मंदिरों के प्रवेश द्वार पर विशेष काउंटर बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु अपना फोन सुरक्षित जमा कर सकेंगे। मोबाइल जमा करने के लिए प्रति फोन 5 रुपये शुल्क लिया जाएगा। फोन जमा करने के बाद श्रद्धालु को एक रसीद या टोकन दिया जाएगा, जिसे दर्शन के बाद दिखाकर मोबाइल वापस लिया जा सकेगा।
अथी वरदार मंदिर में शुरू हुई व्यवस्था
कांचीपुरम के प्रसिद्ध देवराजस्वामी-अथी वरदार मंदिर में यह नियम मंगलवार सुबह 6 बजे से लागू किया गया। मोबाइल जमा करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए वहां कंप्यूटर ऑपरेटर और सहायक तैनात किए गए हैं। फोन जमा करते समय श्रद्धालु की फोटो, मोबाइल मॉडल और फोन नंबर का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। इसके बाद पावती जारी की जाती है और रिकॉर्ड मिलान के बाद मोबाइल वापस किया जाता है।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया फैसला
HR&CE विभाग के मुताबिक, यह व्यवस्था मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच के 2 दिसंबर 2022 के आदेश के अनुसार लागू की गई है। यह आदेश तिरुचेंदूर स्थित अरुलमिगु सुब्रमणिया स्वामी मंदिर में मोबाइल फोन इस्तेमाल पर रोक लगाने से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया था। विभाग ने बताया कि इससे पहले भी मंदिरों में मोबाइल ले जाने पर रोक लगाने और सुरक्षित जमा करने की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए थे।
मंदिरों में लगाए गए सूचना बोर्ड
तमिलनाडु सरकार और मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को नए नियम की जानकारी देने के लिए प्रवेश द्वार, पार्किंग और अन्य प्रमुख स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए हैं। इसके अलावा लाउडस्पीकर के जरिए भी श्रद्धालुओं को मोबाइल प्रतिबंध की जानकारी दी जाएगी। HR&CE मंत्री रमेश ने विधानसभा में पहले ही घोषणा की थी कि 1 सितंबर से प्रमुख मंदिरों में यह नियम लागू किया जाएगा।
धार्मिक माहौल बनाए रखना उद्देश्य
मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य सिर्फ फोटो और वीडियो बनाने पर रोक लगाना नहीं है, बल्कि मंदिरों की पवित्रता और शांत वातावरण बनाए रखना है। सरकार का मानना है कि मोबाइल प्रतिबंध से दर्शन करने आने वाले अन्य श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा। इससे पहले मध्य प्रदेश के महाकाल मंदिर में भी मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लागू है।
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