Sugar Price Hike : चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश में चीनी महंगी हो रही है और दूसरी तरफ विदेश से आयात की जरूरत पड़ रही है। सरकार ने हालांकि कीमतों में बढ़ोतरी के लिए एथेनॉल उत्पादन को जिम्मेदार मानने से इनकार किया है।
कई शहरों में 70 रुपए किलो चीनी के दाम
देश के कई हिस्सों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। सरकार ने बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए 31 अक्टूबर तक 10 लाख टन रॉ शुगर के ड्यूटी फ्री आयात को मंजूरी दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम उत्पादन, गन्ने की फसल पर मौसम का असर और त्योहारों से पहले बढ़ी मांग कीमतों में बढ़ोतरी की बड़ी वजहें हैं। देश के कई शहरों में चीनी की कीमत 70 रुपए किलो बताई जा रही है। पिछले 3 महीने में दाम करीब 40% यानी प्रति किलो ₹19 तक बढ़े हैं।
चीनी को लेकर राजनीतिक बहस तेज
चीनी उत्पादन में गिरावट के पीछे गन्ने से मिलने वाली रिकवरी दर में कमी को भी कारण माना जा रहा है। वहीं, एथेनॉल नीति के तहत गन्ने के कुछ हिस्से का इस्तेमाल ईंधन उत्पादन में किया जा रहा है, जिसको लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
कच्ची चीनी आयात करने का लिया फैसला
सरकार का कहना है कि चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी कई कारणों का परिणाम है। खाद्य मंत्रालय के मुताबिक घरेलू उत्पादन में कमी, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और मांग में वृद्धि इसके प्रमुख कारण हैं। सरकार ने दावा किया है कि एथेनॉल के लिए इस्तेमाल होने वाली चीनी की मात्रा सीमित है। भारत दुनिया के प्रमुख चीनी उत्पादक देशों में शामिल है। घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने लंबे समय बाद कच्ची चीनी आयात करने का फैसला लिया है।
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